पुणे में जमीन रिकॉर्ड हेरफेर पर बड़ी कार्रवाई: SDM-तहसीलदार सहित 15 अधिकारी निलंबित; पूरे राज्य में होगी जांच

Pune Land Record Scam: महाराष्ट्र भूमि राजस्व अधिनियम की धारा 155 के दुरुपयोग मामले में पुणे के उपजिलाधिकारी और तहसीलदार समेत 15 सस्पेंड। 5 साल के लैंड रिकॉर्ड्स की होगी जांच।
Maharashtra Government suspends 15 revenue officials, including an SDM & Tehsildar, over Pune land record manipulation. 5-year pan-state audit ordered.
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले (सोर्स : नवभारत डिजाइन फोटो )
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Pune Land Scam Chandrashekhar Bawankule: जमीनों के रिकॉर्ड में कथित हेरफेर और अधिकारों के दुरुपयोग को लेकर महाराष्ट्र सरकार ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। महाराष्ट्र भूमि राजस्व अधिनियम की धारा 155 का गलत इस्तेमाल कर जमीनों के मालिकाना हक बदलने, अवैध फेरबदल करने और सरकारी दस्तावेज गायब करने के आरोप में उपजिलाधिकारी व तहसीलदार सहित 15 राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने विधान परिषद में यह घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि दोषियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज किए जाएंगे और गंभीर मामलों में उन्हें सरकारी सेवा से बर्खास्त भी किया जाएगा।

कई सरकारी फाइलें गायब

यह मामला शिवसेना (यूबीटी) के विधायक अनिल परब द्वारा उठाए जाने के बाद जांच के दायरे में आया था। पुणे संभाग में हुई विस्तृत जांच में सामने आया कि अधिकारियों ने धारा 155 का दुरुपयोग किया, जो केवल टाइपिंग या लिपिकीय त्रुटियों के सुधार के लिए बनी है। इस प्रावधान का सहारा लेकर जमीनों के स्वामित्व में बड़े पैमाने पर बदलाव किए गए और गड़बड़ियों के सबूत मिटाने के लिए कई महत्वपूर्ण सरकारी फाइलें भी गायब कर दी गईं।

पुणे संभाग में कुल 424 मामले संदिग्ध पाए गए हैं, जिनमें से 13 अत्यंत गंभीर मामलों में 15 अधिकारियों को निलंबित किया गया है। इसके अलावा 247 गंभीर मामलों में कड़ी विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की गई है, जबकि 164 मामलों में विभागीय जांच कराई जाएगी।

मूल मालिकों को मिलेगी संपत्तियां

राजस्व मंत्री ने कहा कि जिन लोगों की जमीनों का रिकॉर्ड अवैध तरीके से बदला गया है, उनकी संपत्तियां मूल मालिकों के नाम बहाल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सरकार ने इस मामले को केवल पुणे तक सीमित न रखते हुए पूरे महाराष्ट्र में पिछले पांच वर्षों के दौरान धारा 155 के तहत पारित सभी आदेशों की जांच कराने का निर्णय लिया है।

सभी जिलाधिकारियों को तीन महीने के भीतर जांच पूरी कर एक्शन टेकन रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए है। इसके अलावा धारा 70 (बी) और धारा 85 के दुरुपयोग को रोकने के लिए अगले सत्र में संशोधन विधेयक लाया जाएगा। साथ ही सरकार ने तुलजापुर भूमि अतिक्रमण प्रकरण की भी पुणे संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।

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