

Mahatma Phule Jan Arogya Yojana Scam Devendra Fadnavis: महाराष्ट्र सरकार ने महात्मा ज्योतिराव फुले जनआरोग्य योजना में सामने आए कथित फर्जीवाड़े और अनियमितताओं पर सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नासिक जिले से जुड़े मामलों की जांच के लिए एसआईटी गठित करने की घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य योजनाओं में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार या फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस एसआईटी की अध्यक्षता नाशिक के मंडलायुक्त प्रवीण गेडाम करेंगे, जिसमें विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत एआई, डेटा एनालिटिक्स, साइबर जांच और फॉरेंसिक ऑडिट की मदद से दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी विधानमंडल में आयोजित संयुक्त आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और महात्मा ज्योतिराव फुले जनआरोग्य योजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने यह जानकारी दी।
बैठक में राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर, स्वास्थ्य राज्यमंत्री मेघना साकोरे बोर्डीकर, विधायक डॉ. राहुल आहेर, सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव डॉ. निपुण विनायक, सचिव ई। रवींद्रन, पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते, नासिक मंडलायुक्त प्रवीण गेडाम, राज्य स्वास्थ्य गारंटी सोसायटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अण्णासाहेब
चव्हाण व अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में विधायक डॉ. राहुल आहेर ने नासिक में सामने आए कथित फर्जीवाड़े की विस्तृत जानकारी भी प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि राज्य स्वास्थ्य गारंटी सोसायटी द्वारा वर्ष 2024 से 2026 के दौरान की गई जांच में लगभग 16 हजार संदिग्ध दावों और सर्जरी के मामले सामने आए हैं। इनमें से 9,500 मामले केवल नासिक जिले से जुड़े हैं। इस मामले में नाशिक के पांच अस्पतालों की मान्यता रद्द कर दी गई है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और गबन की गई राशि की वसूली भी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि गरीबों को पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनआरोग्य योजनाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी या फर्जीवाड़ा बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि करीब 13 लाख संदिग्ध मामलों की जांच एआई. डेटा एनालिटिक्स और अत्याधुनिक विश्लेषण प्रणाली के जरिए की जाएगी। साइबर धोखाधड़ी पर रोक लगाने के लिए महाराष्ट्र साइबर पुलिस की मदद ली जाएगी और डिजिटल लेन-देन की निगरानी के लिए समन्वित तंत्र विकसित किया जाएगा।
सीएम ने कहा कि बड़े उपचार दावों का विशेष ऑडिट, संदिग्ध मामलों का फॉरेंसिक ऑडिट और प्रत्येक जिले में फ्रॉड रोधी तंत्र स्थापित किया जाएगा। अत्याधुनिक डैशबोर्ड के माध्यम से संदिग्ध लेन-देन पर रियल टाइम निगरानी रखी जाएगी और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।