पुणे कार हादसा मामला: मृतक बच्चों के माता-पिता ने सीएम एकनाथ शिंदे से की मुलाकात, पीड़ित परिवार को देगी 10 लाख रुपए सरकार

पुणे के कल्याणी नगर इलाके में 19 मई को एक तेज रफ्तार पोर्श कार ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी थी। इस हादसे में दो आईटी पेशेवरों की तब मौत हो गई थी। अदालत ने नाबालिग को किशोर न्याय अधिनियम से संबंधित मामले में जमानत दे दी है। हालांकि, सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि सरकार इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाएगी और जल्द न्याय देने की कोशिश करेगी।
CM Eknath Shinde met the family members of the Pune car accident case
मृतक बच्चों के माता-पिता से मिले सीएम एकनाथ शिंदे (सौजन्यः एक्स/ mieknathshinde)
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पुणे: पुणे के पोर्शे कार हादसे के मामले में पीडितों (अनिश अवधिया और अश्विनी कोष्टा) के माता-पिता ने सोमवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से उनके अधिकारिक आवास (वर्षा) पर मुलाकात की। इस दौरान सीएम शिंदे ने उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने यह भी कहा कि घटना दुर्भाग्यपूर्ण है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि पिछले महीने शहर में हुए इस हादसे में दो सॉफ्टवेयर पेशेवरों की मौत हो गई थी।

सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि घटना के आरोपी नाबालिग को रिहा कर दिया गया है। लेकिन केस को नए सिरे से खोला जा रहा है और जो भी इस मामले में दोषी पाया जाएगा। उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि सरकार इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाएगी और जल्द न्याय देने की कोशिश करेगी।

10-10 लाख रुपये देने का फैसला

सीएम शिंदे ने कहा कि बच्चों के अचानक माता पिता से दूर होने के दुःख को हम समझते है। इसलिए शिंदे ने विशेष तौर पर मुख्यमंत्री राहक कोष से मृतक बच्चे के माता पिता को 10-10 लाख रुपये देने का फैसला किया है। पुणे में हुई इस घटना के बाद सीएम एकनाथ शिंदे ने पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और किसी का समर्थन नहीं करने के निर्देश दिए। मृतक बच्चों के माता पिता ने स्वीकार किया कि महाराष्ट्र सरकार की ओर से मामले में तेजी दिखाई दी गई और कई लोगों का गिरफ्तार किया गया। मृतक के परिजनों ने सीएम एकनाथ शिंदे को इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद उनके बच्चों को न्याय दिलाने के लिए महाराष्ट्र सरकार द्वारा किए गए प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया।

क्या है मामला

जानकारी के लिए बता दें कि पुणे के कल्याणी नगर इलाके में 19 मई को एक तेज रफ्तार पोर्श कार ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी थी। इस हादसे में दो आईटी पेशेवरों की तब मौत हो गई थी। पुलिस के अनुसार घटना के समय कार को कथित तौर पर नशे की हालत में एक किशोर चला रहा था। अदालत ने नाबालिग को किशोर न्याय अधिनियम से संबंधित मामले में जमानत दे दी। इनके अलावा, कोर्ट ने पांच अन्य आरोपियों को भी जमानत दे दी। इनमें दो बार के मालिक और प्रबंधक भी शामिल हैं जिन्हें कथित तौर पर कम उम्र के व्यक्ति को शराब परोसने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, नाबालिग आरोपी के पिता और मां उसके ब्लड सैंपल के साथ गड़बड़ी से संबंधित मामले में फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

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