अजित पवार विमान हादसा: 30 दिन बाद CID का बड़ा खुलासा, ‘मिले कई अहम सबूत, CBI को सौंपी जा सकती है जांच’
Ajit Pawar Plane Crash CID Investigation: अजित पवार विमान हादसे पर सीआईडी की पहली प्रेस ब्रीफिंग। कई सबूत मिलने का दावा, सीबीआई जांच की सिफारिश और आपराधिक साजिश की दिशा में जांच जारी।
- Written By: अनिल सिंह
Ajit Pawar Plane Crash CID Investigation (फोटो क्रेडिट-X)
CID Press Conference on Baramati Plane Crash: दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे की जांच कर रहे महाराष्ट्र राज्य अपराध अन्वेषण विभाग (CID) ने आखिरकार 30 दिनों के लंबे इंतजार के बाद अपनी पहली आधिकारिक रिपोर्ट साझा की है। गुरुवार, 26 फरवरी 2026 को सीआईडी के अपर पुलिस महानिदेशक सुनील रामानंद ने एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा किया कि जांच दल को अब तक कई अहम सबूत मिले हैं।
सीआईडी प्रमुख ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी जांच CBI को सौंपने के लिए केंद्र सरकार से पत्रव्यवहार शुरू कर दिया है। वर्तमान में पुणे और नवी मुंबई सीआईडी की टीमें संयुक्त रूप से इस हाई-प्रोफाइल मामले की गुत्थी सुलझाने में जुटी हैं।
जांच के तीन मुख्य उद्देश्य: घातपात या लापरवाही?
सुनील रामानंद ने बताया कि सीआईडी की जांच मुख्य रूप से तीन दिशाओं में केंद्रित है। पहला, क्या इस विमान हादसे के पीछे कोई आपराधिक साजिश (Conspiracy) या घातपात था? दूसरा, क्या यह आपराधिक लापरवाही (Criminal Negligence) का मामला है? और तीसरा, क्या इस पूरी घटना में कोई अन्य आपराधिक कृत्य शामिल है? उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच सही दिशा में है और बारामती मेडिकल कॉलेज से लेकर पुणे फॉरेंसिक लैब तक सभी संस्थान डेटा साझा करने में सहयोग कर रहे हैं।
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केंद्रीय एजेंसियों और विशेषज्ञों के साथ समन्वय
महाराष्ट्र सीआईडी ने स्पष्ट किया कि विमानन दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) और सीआईडी की जांच का दायरा अलग-अलग है। AAIB तकनीकी पहलुओं की जांच कर रहा है, जबकि सीआईडी आपराधिक कोणों को देख रही है। सुनील रामानंद ने कहा, “हम एएआईबी (AAIB) के साथ निरंतर समन्वय में हैं। उनकी अंतिम रिपोर्ट आने के बाद उसके निष्कर्षों को हमारी जांच का हिस्सा बनाया जाएगा।” जांच में विमानन क्षेत्र के विशेषज्ञों और केंद्रीय डेटा एजेंसियों की मदद भी ली जा रही है ताकि रनवे पर हुए हादसे की हर सेकंड की गतिविधि को डिकोड किया जा सके।
सबूतों का संग्रह और समय सीमा पर रुख
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब जांच पूरी होने की समय सीमा के बारे में पूछा गया, तो सीआईडी प्रमुख ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार आपराधिक जांच के लिए कोई निश्चित टाइमलाइन तय नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा, अजित पवार के विमान हादसे की जांच में अब तक कई महत्वपूर्ण सबूत मिले हैं जिन्हें बहुत तेजी से इकट्ठा किया गया है। चूंकि इसमें कई राष्ट्रीय एजेंसियां शामिल हैं, इसलिए डेटा प्राप्त करने में समय लग रहा है। उन्होंने वादा किया कि जैसे ही ठोस निष्कर्ष निकलेंगे, उचित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर अदालत में चार्जशीट पेश की जाएगी।
