संसद में गूंजेगा अजित पवार प्लेन क्रैश का मुद्दा: सुप्रिया सुले और संजय राउत उठाएंगे आवाज

Ajit Pawar Death Issue In Parliament: रोहित पवार ने अजित पवार विमान हादसे की निष्पक्ष जांच और नागरिक उड्डयन मंत्री के इस्तीफे की मांग की। DGCA की रिपोर्ट की टाइमिंग पर उठाए गंभीर सवाल।
Ajit Pawar Death Issue In Parliament
Ajit Pawar Death Issue In Parliament (फोटो क्रेडिट-X)
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Rohit Pawar On Ajit Pawar Plane Crash: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे की जांच को लेकर एक बार फिर राज्य और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। बुधवार को विधान भवन परिसर में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने इस पूरी जांच प्रक्रिया को 'संदिग्ध' करार दिया। रोहित पवार ने आरोप लगाया कि प्रशासन और विमानन नियामक (DGCA) इस घातक दुर्घटना की निष्पक्ष जांच करने के बजाय संबंधित विमान कंपनी 'वीएसआर' (VSR Ventures) को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र ने एक बड़ा नेता खो दिया है और जनता यह जानने का हक रखती है कि 28 जनवरी को बारामती में वास्तव में क्या हुआ था। रोहित पवार ने मांग की कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

DGCA की रिपोर्ट की टाइमिंग पर खड़े किए सवाल

रोहित पवार ने जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए एक चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने कहा कि 28 जनवरी को जब अजित पवार का पार्थिव शरीर अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के लिए रखा गया था, उसी समय दोपहर 1:36 बजे डीजीसीए ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट जारी कर दी थी। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी जल्दी बिना गहन जांच के रिपोर्ट कैसे तैयार हो गई? रोहित पवार के अनुसार, यह जल्दबाजी दर्शाती है कि मामले को दबाने और तकनीकी खामियों पर पर्दा डालने की कोशिश की गई है। उन्होंने इसे प्रशासन की अक्षम्य लापरवाही करार दिया।

लोकसभा और राज्यसभा में गूँजेगा मुद्दा

अजित पवार की मौत के मामले को अब राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी की जा रही है। रोहित पवार ने जानकारी दी कि सांसद सुप्रिया सुले और अमोल कोल्हे इस विषय को लोकसभा में पुरजोर तरीके से उठाएंगे। वहीं, राज्यसभा में इस मुद्दे को उठाने के लिए शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत से भी संपर्क किया गया है। रोहित पवार ने उन्हें एक विस्तृत पत्र सौंपकर हादसे से जुड़े उन महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की है, जिन्हें अब तक दबाया गया है। विपक्ष अब इस मुद्दे पर दिल्ली से लेकर मुंबई तक लामबंद हो रहा है।

जनता के 'दिलों के मुख्यमंत्री' को खोने का दर्द

रोहित पवार भावुक होते हुए बोले कि अजित पवार केवल एक उपमुख्यमंत्री नहीं थे, बल्कि वे जनता के 'दिलों के मुख्यमंत्री' थे। उन्होंने कहा कि बारामती में रनवे पर लैंड करते समय हुआ यह हादसा महज इत्तेफाक नहीं हो सकता। 28 जनवरी को जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव के प्रचार के लिए जाते समय हुए इस क्रैश ने पूरे राज्य को झकझोर दिया था। रोहित पवार ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने पारदर्शी जांच सुनिश्चित नहीं की और दोषियों पर कार्रवाई नहीं की, तो वे सड़क से लेकर संसद तक अपना आंदोलन जारी रखेंगे।

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