नितेश राणे के मदरसे वाले बयान पर वारिस पठान का पलटवार, बोले- ये फ्रीडम फाइटर का अपमान

Waris Pathan vs Nitesh Rane On Madarsa: वारिस पठान ने नितेश राणे के मदरसे वाले बयान पर पलटवार किया। उन्होंने इसे स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान बताते हुए आरएसएस पर भी तीखे सवाल उठाए।
Waris Pathan vs Nitesh Rane On Madarsa
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Waris Pathan vs Nitesh Rane: भाजपा विधायक नितेश राणे द्वारा मदरसों को 'आतंकवाद का अड्डा' बताए जाने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में उबाल आ गया है। एआईएमआईएम (AIMIM) नेता वारिस पठान ने इस बयान पर तीखा पलटवार करते हुए इसे स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान करार दिया है। पठान ने नितेश राणे पर नफरत फैलाने और झूठ परोसने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश की आजादी में मदरसों से निकले उलेमाओं और स्कॉलर्स का बहुत बड़ा योगदान रहा है।

वारिस पठान ने न केवल राणे के दावों को खारिज किया, बल्कि आरएसएस (RSS) के इतिहास पर भी सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी दफ्तरों में नमाज पर आपत्ति जताने वाले लोग पहले खुद के गिरहबान में झांकें।

स्वतंत्रता संग्राम और मदरसों का ऐतिहासिक योगदान

वारिस पठान ने नितेश राणे को इतिहास का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि मौलाना अबुल कलाम आजाद जैसे महान व्यक्तित्व मदरसों की देन हैं। उन्होंने कहा, "मदरसों से बड़े-बड़े मुफ्ती, उलेमा और स्कॉलर निकले हैं जिन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ जंग-ए-आजादी में अपनी जान न्यौछावर कर दी। क्या राणे साहब उन सभी फ्रीडम फाइटर्स को आतंकवादी कहेंगे?" पठान ने तंज कसते हुए पूछा कि क्या नितेश राणे के पास आरएसएस की शाखा से निकले किसी ऐसे व्यक्ति की लिस्ट है जिसने आजादी की लड़ाई लड़ी हो? उन्होंने आरोप लगाया कि शाखा वालों ने अंग्रेजों को 'माफीनामे' लिखने का काम किया था।

सरकारी दफ्तरों में नमाज और 'दोहरा मापदंड'

मालेगांव नगर निगम कार्यालय में नमाज पढ़ने के विवाद पर वारिस पठान ने सरकार को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि मुसलमान के लिए पांच वक्त की नमाज फर्ज है और यदि किसी को तकलीफ पहुँचाए बिना नमाज पढ़ ली गई, तो इसमें क्या गलत है? उन्होंने सवाल उठाया, "क्या सरकारी दफ्तरों में हिंदू भाइयों के रीति-रिवाज और पूजा नहीं होती? पुलिस थानों के भीतर होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों के वीडियो भी वायरल होते हैं।" पठान ने मांग की कि अगर सरकार को नमाज से इतनी ही दिक्कत है, तो कानून बना दे कि किसी भी सरकारी दफ्तर में कोई भी धार्मिक कार्यक्रम नहीं होगा।

नफरत की राजनीति और पीएम मोदी से सवाल

वारिस पठान ने देश में बढ़ती नफरत की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सबका साथ, सबका विकास' के नारे पर सवाल उठाए। उन्होंने एक हालिया घटना का जिक्र किया जिसमें खुले मैदान में नमाज पढ़ रहे व्यक्ति को कथित तौर पर परेशान किया गया और उससे जय श्रीराम के नारे लगवाए गए। पठान ने पूछा, "क्या अब इबादत करना भी गुनाह हो गया है? आप इस देश को किस दिशा में ले जाना चाहते हैं?" उन्होंने आरोप लगाया कि नितेश राणे जैसे नेता केवल ध्रुवीकरण करने के लिए अनाप-शनाप बकवास कर रहे हैं।

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