- Hindi News »
- Maharashtra »
- Pune »
- Centre Approves Leopard Sterilization Pilot In Maharashtra
Maharashtra में तेंदुआ नसबंदी को मंजूरी, छह महीने चलेगा पायलट प्रोजेक्ट
Maharashtra में तेंदुओं के बढ़ते हमलों के बीच केंद्र ने नसबंदी प्रयोग को मंजूरी दी है। छह महीने तक अध्ययन होगा। AI ट्रैकिंग, सायरन अलर्ट और 1,000 पिंजरे बढ़ाकर निगरानी मजबूत की जाएगी।
- Written By: अपूर्वा नायक

तेंदुआ (सोर्स: सोशल मीडिया)
Leopard Attack In Pune: राज्य के कई जिलों विशेषकर पुणे, अहमदनगर (अब अहिल्यानगर), कोल्हापुर और नाशिक में पिछले कुछ महीनों में तेंदुओं के हमलों की घटनाओं में बड़े पैमाने पर वृद्धि हुई है, जिससे आम जनता में भय का माहौल है।
इस समस्या के समाधान के लिए राज्य के वन मंत्री गणेश नाईक ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने तेंदुओं की संख्या को नियंत्रित करने के लिए उनके निर्बीजीकरण (नसबंदी) के प्रयोग को मंजूरी दे दी है।
वन मंत्री नाइक ने सोमवार को पुणे, नासिक और अहिल्यानगर वन विभागों के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। बैठक के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में इस निर्णय की जानकारी दी। वन मंत्री नाइक ने बताया कि तेंदुओं की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण पाने के लिए नसबंदी का प्रयोग आवश्यक है।
सम्बंधित ख़बरें
अनंत अंबानी के बर्थडे पर चमका बांद्रा-वर्ली सी लिंक, मुंबई में दिखा खास नजारा, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ Video
Birthday: सीएम से केंद्रीय मंत्री तक का सफर, नारायण राणे की राजनीति, जिसने महाराष्ट्र की सत्ता हिला दी
नवभारत निशानेबाज: चुनाव आयोग के पास मौजूद शक्ति, CEC ज्ञानेश कुमार ने दिखाई सख्ती
‘स्वतंत्र्यवीर’ सावरकर को सरकार ने नहीं दी थी यह उपाधि! पोते सात्यकी सावरकर ने पुणे कोर्ट में किया बड़ा खुलासा
इस प्रयोग की सफलता का छह महीने तक अध्ययन किया जाएगा और इसके परिणामों के आधार पर ही आगे की नीति तय की जाएगी। वन विभाग के अवलोकन के अनुसार, पुणे के जुन्नर और शिरूर जैसे क्षेत्रों में पिछले कुछ वर्षों में पानी की उपलब्धता बढ़ने के कारण गन्ने की खेती में वृद्धि हुई है। इससे इन क्षेत्रों में कृत्रिम रूप से जंगल जैसी परिस्थितियां बन गई हैं, जिसके कारण तेंदुओं को प्रजनन के लिए अधिक सुरक्षित स्थान मिल गया है।
प्राकृतिक आहार श्रृंखला और वनक्षेत्र विस्तार पर जोर
वन मंत्री ने चिंता व्यक्त की कि जंगल में छोटे जानवरों की संख्या कम होने के कारण तेंदुओं को प्राकृतिक भोजन नहीं मिल रहा है, जिससे शहरी बस्तियों में हमलों की संख्या बढ़ गई है। पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने के लिए जैव-श्रृंखला (बायो-चेन) को फिर से स्थापित करने पर जोर दिया जाएगा।
उपाय के तौर पर, तेंदुओं का प्राकृतिक शिकार बनने वाले कुछ बकरियों को जंगल परिसर में छोड़ा जाएगा ताकि उन्हें प्राकृतिक भोजन मिल सके। तेंदुओं के हमलों से बफर क्षेत्रों को सुरक्षित करने के लिए ताडोबा अभयारण्य की तर्ज पर पुणे और जुन्नर संभाग में भी बफर क्षेत्र के चारों ओर 500 फीट लंबी बांस की दीवारें खड़ी की जाएगी। इन बांस की नियोजित कटाई हर तीन साल में की जाएगी। उन्होंने कहा कि वन क्षेत्रों की व्याप्ति कम हो रही है।
ये भी पढ़ें :- BJP का मिशन 125 मुश्किल? धंगेकर ने PMC चुनाव में ताकत झोंकने का दावा
टेक्नोलॉजी और पिंजरों का उपयोग
- तेंदुओं की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने और उनकी निगरानी के लिए कई उपाय किए जा रहे हैं। वर्तमान में उपलब्ध 200 पिंजरे अपर्याप्त साबित हो रहे है, इसलिए इनकी संख्या बढ़ाकर एक हजार करने का निर्णय लिया गया है। तेंदुओं की गतिविधियों को ट्रैक करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अत्याधुनिक सेटेलाइट कैमरों का उपयोग किया जाएगा।
- तत्काल चेतावनी प्रणाली जैसे ही तेंदुआ किसी गांव के पास आएगा, सायरन के माध्यम से तत्काल अलर्ट जारी किया जाएगा। पुर्ण जिले में इस निगरानी और चेतावनी प्रणाली के लिए 11 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, ऐसी ही प्रणाली अहिल्यानगर और नासिक में भी लागू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। कुभ मेले के मद्देनजर नासिक में विशेष सतर्कता बरती जाएगी
Centre approves leopard sterilization pilot in maharashtra
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
अनंत अंबानी के बर्थडे पर चमका बांद्रा-वर्ली सी लिंक, मुंबई में दिखा खास नजारा, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ Video
Apr 10, 2026 | 07:04 AMBirthday: सीएम से केंद्रीय मंत्री तक का सफर, नारायण राणे की राजनीति, जिसने महाराष्ट्र की सत्ता हिला दी
Apr 10, 2026 | 07:00 AMSatish Kaul Punjabi Cinema: महाभारत के इंद्रदेव ने दिलाया सतीश कौल को पहचान, फिर भी अंतिम समय में रहे दुखी
Apr 10, 2026 | 06:57 AMनवभारत निशानेबाज: चुनाव आयोग के पास मौजूद शक्ति, CEC ज्ञानेश कुमार ने दिखाई सख्ती
Apr 10, 2026 | 06:53 AMWorld Homoeopathy Day: कैसे हुआ होम्योपैथी का जन्म? जानें उस खोज के बारे में जिसने चिकित्सा जगत को चौंका दिया
Apr 10, 2026 | 06:33 AMAyesha Takia Career: खूबसूरती के चक्कर में विवादों में आईं आयशा टाकिया, फिर ट्रांसफॉर्मेशन स्टोरी से जीता दिल
Apr 10, 2026 | 06:20 AMLIVEआज की ताजा खबर 10 अप्रैल LIVE: आज नीतीश कुमार राज्यसभा सांसद के रूप में लेंगे शपथ
Apr 10, 2026 | 06:19 AMवीडियो गैलरी

बेंगलुरु की सड़क पर जोंबी जैसा खड़ा दिखा युवक! क्या भारत में आ गया अमेरिका वाला खतरनाक ड्रग? वीडियो वायरल
Apr 09, 2026 | 09:53 PM
इटावा रेलवे स्टेशन पर शर्मनाक! भगवाधारी बुजुर्ग को चोटी पकड़कर घसीटा, बेरहमी से पिटाई का वीडियो वायरल
Apr 09, 2026 | 09:32 PM
ममता बनर्जी को हराने के लिए 1000 करोड़ की साजिश! बंगाल राजनीति का सबसे बड़ा वीडियो लीक, ED जांच की मांग
Apr 09, 2026 | 09:26 PM
ममता का मास्टरप्लान या भाजपा की अंदरूनी कलह? पहले चरण की वोटिंग से पहले बदल गया पूरा नैरेटिव!
Apr 09, 2026 | 07:08 AM
कानपुर के ‘किडनी कांड’ को लेकर अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर साधा निशाना, कही बड़ी बात
Apr 08, 2026 | 10:49 PM
SDM के सामने जल निगम अधिकारियों पर क्यों भड़के भाजपा विधायक रत्नाकर मिश्रा
Apr 08, 2026 | 10:37 PM











