
रवींद्र धंगेकर (सौ. सोशल मीडिया )
Pune News In Hindi: जैन बोर्डिंग मामले को लेकर केंद्रीय राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल को निशाना बनाने के बाद पुणे में भाजपा और शिवसेना (शिंदे) जैसे महायुति के सहयोगी दलों के बीच पैदा हुए।
मतभेद के बावजूद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की सलाह पर पूर्व विधायक और शिवसेना (शिंदे) पार्टी के महानगर प्रमुख रवींद्र धंगेकर ने शांत रहने की भूमिका अपना ली थी।
इससे भाजपा ने राहत की सांस ली ही थी कि अब धंगेकर ने आगामी पुणे महानगरपालिका चुनाव में शिवसेना (शिंदे) पार्टी के स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू करने की बात कहकर भाजपा को फिर से खुली चुनौती दे दी है।
भाजपा ने महानगरपालिका चुनाव में ‘मिशन 125’ का नारा दिया है और धंगेकर इसके लिए प्रमुख बाधा बन सकते हैं। धंगेकर द्वारा जैन बोर्डिंग मामले को लेकर मोहोल और भाजपा को निशाना बनाए जाने के बाद वरिष्ठ स्तर के नेताओं को इसका संज्ञान लेना पड़ा था। भाजपा ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से शिकायत की।
इसके बाद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने धंगेकर को शांत रहने की सलाह दी, लेकिन साथ ही उनका समर्थन भी किया। अब जब यह मामला शांत हो गया है, तो धंगेकर ने आगामी महानगरपालिका चुनाव की पृष्ठभूमि में एक बार फिर भाजपा को चुनौती दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महानगरपालिका चुनाव में सभी 165 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी की जा रही है।
पुणे महानगरपालिका के 2017 के चुनाव में तत्कालीन शिवसेना के दस नगरसेवक चुने गए थे। रवींद्र चंगेकर ने कहा कि पुणे महानगरपालिका चुनाव के लिए भाजपा द्वारा उम्मीदवार तय करने की प्रक्रिया चल रही है।
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शिवसेना (शिंदे) पार्टी भी पीछे नहीं रहेगी। महानगरपालिका के सभी प्रभागों में उम्मीदवार उतारने की तैयारी शुरू कर दी गई है। उस दृष्टि से योजना बनाई जा रही है। पार्टी का और यूवा और शिक्षित लोगों को उम्मीदवारी देने पर रहेगा, चुनाव महायुति के माध्यम से लड़े जाएंगे या स्वतंत्र रूप से इस संबंध में निर्णय उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे लेंगे, हालांकि, स्वतंत्र रूप से लड़ने का निर्णय होने पर पार्टी ने उस दिशा में तैयारी शुरू कर दी है।






