वर्धा: सालोड निसर्ग पर्यटन केंद्र को 13.18 करोड़ मंजूर, बोर व्याघ्र परियोजना के 5 गांवों का पुनर्वास स्वीकृत

Wardha Tourism News: वर्धा के सालोड में निसर्ग पर्यटन केंद्र हेतु 13.18 करोड़ मंजूर। बोर व्याघ्र परियोजना के 5 गांवों के पुनर्वास को भी स्वीकृति। पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने वनमंत्री का आभार जताया।
Salod nature tourism project gets13.18 cr. State okays relocation of 5 villages from Bor Tiger Reserve. Guardian Minister Dr. Bhoyar also sought 23.29 cr for a new Forest Department building.
वर्धा वनमंत्री गणेश नाईक और डॉ. पंकज भोयर (सोर्स: नवभारत)
Published on
Updated on

Wardha Salod Eco-Tourism Project News: वर्धा जिले के सालोड में प्रस्तावित निसर्ग पर्यटन केंद्र के लिए 13.18 करोड़ रुपये के निधि को मंजूरी मिलने पर जिले के पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने राज्य के वनमंत्री गणेश नाईक का आभार व्यक्त किया है। साथ ही बोर व्याघ्र परियोजना के अंतर्गत आने वाले पांच गांवों के पुनर्वास को भी राज्य सरकार ने स्वीकृति प्रदान की है। पालकमंत्री डॉ. भोयर ने बताया कि शहर एवं आसपास के नागरिकों को प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ मनोरंजन और विश्राम का अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सालोड में वन विभाग की भूमि पर निसर्ग पर्यटन केंद्र विकसित किया जा रहा है।

इस परियोजना को अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक द्वारा तकनीकी एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई थी, जिसके बाद प्रस्ताव महाराष्ट्र निसर्ग पर्यटन विकास महामंडल को भेजा गया। कार्यकारी समिति से मंजूरी मिलने के उपरांत निधि स्वीकृति के लिए डॉ. भोयर ने पहल की थी। उनके अनुरोध पर वनमंत्री गणेश नाईक ने 13.18 करोड़ रुपये की निधि को मंजूरी दी। इसी के साथ बोर व्याघ्र परियोजना के अंतर्गत आने वाले मरकसूर, वेनीदोड़का, उमरविहिरी, मेटहिरजी और गरमसूर गांवों के पुनर्वास को भी मंजूरी दी गई है।

इन गांवों के नागरिक लंबे समय से वन्य प्राणियों के भय के बीच जीवन यापन कर रहे थे। लगातार हो रही दहशत और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को देखते हुए पालकमंत्री डॉ. भोयर ने शासन स्तर पर पुनर्वसन की मांग को प्रमुखता से उठाया था। राज्य सरकार ने उनकी मांग को स्वीकार करते हुए पांचों गांवों के पुनर्वास को अंतिम स्वीकृति दे दी है। इन दोनों महत्वपूर्ण मुद्दों के समाधान के बाद डॉ. पंकज भोयर ने वनमंत्री गणेश नाईक से मुलाकात कर उनका आभार प्रकट किया।

वर्धा में नए वन भवन के लिए 23. 29 करोड़ की मांग

अपनी मुलाकात के दौरान पालकमंत्री ने वर्धा स्थित वन भवन के लिए भी निधि की मांग की। वर्तमान वन भवन की इमारत काफी पुरानी और जर्जर हो चुकी है, जिससे प्रशासनिक कार्यों में कठिनाई होती है और नागरिकों को भी असुविधा का सामना करना पड़ता है। सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा नए, सुसज्ज वन भवन का प्रस्ताव तैयार कर उच्चाधिकार समिति से स्वीकृति प्राप्त की जा चुकी है। इसके निर्माण के लिए 23.29 करोड़ रुपये की निधि मंजूर करने का अनुरोध भी डॉ. भोयर ने वनमंत्री के समक्ष रखा है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com