
अजित पवार Vs महेश लाडंगे (सौ. डिजाइन फोटो )
Pimpri News In Hindi: भ्रष्टाचार के आरोपों से शुरू हुआ राजनीतिक घमासान, पूर्व नगरसेवकों की दलबदल और ‘स्थानीय बनाम बाहरी’ विवाद के कारण भोसरी के 11 प्रभागों की चुनावी लड़ाई बेहद रोचक हो गई है।
उपमुख्यमंत्री व पालकमंत्री अजीत पवार और भाजपा विधायक महेश लांडगे के बीच तीखे आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। यहां दोनों नेताओं की साख दांव पर लगी है। शहरी, गांवठान और ग्रामीण इलाकों को समेटे भोसरी विधानसभा क्षेत्र के 11 प्रभागों में अजीत पवार का पूरा प्रचार अभियान विधायक लांडगे के खिलाफ केंद्रित है।
पवार लगातार भ्रष्टाचार, दबंगई, दहशत, स्थायी समिति अध्यक्ष की रिश्वत मामले में गिरफ्तारी और संपत्तियों में बढ़ोत्तरी जैसे मुद्दों पर लांडगे को घेर रहे हैं। जवाब में लांडगे भी आक्रामक पलटवार कर रहे हैं। यही कारण है कि भोसरी की हर सीट पर पूरे जिले की नजरें टिकी हैं। प्रभाग 2 में सारिका बोहांडे और अश्विनी जाधव के बीच सीधा मुकाबला है। तो वहीं प्रभाग 5 में दो पूर्व नगरसेविकाओं के बीच दिलचस्प टक्कर है।
प्रभाग 7 में पूर्व विधायक विलास लांडे के भतीजे विराज लांडे पहली बार चुनावी मैदान में है। उनके खिलाफ भाजपा के कद्दावर नेता और स्थायी समिति के पूर्व अध्यक्ष संतोष लोंढे मैदान में हैं। लांडे परिवार से विराज अकेले उम्मीदवार हैं, ऐसे में उन्हें जिताना पूर्व विधायक विलास लांडे के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। राहुल जाधव और नितिन कालजे, दोनों पूर्व महापौर रह चुके हैं।
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इस बार फिर भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे है। उन्हें राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवारों से कड़ी टक्कर मिल रही है। स्थायी समिति के पूर्व अध्यक्ष विलास मडिगेरी, सीमा सावले और संतोष लोंढे भी दोबारा मैदान में हैं, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय और रोचक हो गया है। उधर, पूर्व विपक्ष नेता और शिवसेना उपनेता सुलभा उबाले निगडी से चुनाव लड़ रही हैं, जिन्हें मनसे की पूर्व नगरसेविका अश्विनी चिखले चुनौती दे रही हैं।






