‘हमने चूड़ियां नहीं पहन रखी…’ अजित पवार पर महेश लांडगे तीखा प्रहार, रोहित पवार ने दिया करारा जवाब

Maharashtra Politics: पिंपरी-चिंचवड़ मनपा चुनावों से पहले बीजेपी और NCP के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। महेश लांडगे ने अजित पवार की पुरानी चुनौती का जवाब देते हुए 'लाडकी बहन' का जिक्र कर हमला बोला।
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विधायक महेश लांडगे व राेहित पवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Mahesh Landge Vs Rohit Pawar: पिंपरी-चिंचवड़ की सियासत में उस वक्त उबाल आ गया जब सत्ताधारी गठबंधन (महायुति) के दो बड़े घटक दल बीजेपी और एनसीपी आमने-सामने आ गए। विधायक महेश लांडगे और डिप्टी सीएम अजित पवार के बीच शुरू हुई यह तकरार अब महिलाओं के सम्मान और चुनावी मुद्दों तक पहुंच गई है।

विधायक महेश लांडगे ने अजित पवार को दी चेतावनी

विवाद की जड़ अजित पवार का वह पुराना बयान है जिसमें उन्होंने एक विधायक को चुनौती देते हुए कहा था, "अगर मैं तय कर लूं, तो किसी को भी खत्म कर सकता हूं।" पिंपरी के विधायक महेश लांडगे ने इसी बयान को ढाल बनाकर अजित पवार पर सीधा हमला बोला। लांडगे ने रैली में गरजते हुए कहा कि "क्या आपको लगता है कि हमने चूड़ियां पहन रखी हैं? हमें खत्म करने की बात मत करो, हमारी बहादुर महिला योद्धा (लाडकी बहनें) ही आपको खत्म कर देंगी। लांडगे ने साफ तौर पर चेतावनी दी कि उनके मामलों में दखल देना बंद किया जाए।

'चूड़ियों' वाले बयान पर रोहित पवार का पलटवार

बीजेपी विधायक महेश लांडगे द्वारा 'चूड़ियां पहनने' के मुहावरे के इस्तेमाल पर एनसीपी (शरद पवार गुट) के नेता रोहित पवार ने कड़ी आपत्ति जताई है। रोहित पवार ने पुणे में प्रचार के दौरान कहा कि "चूड़ियां पहनने की बात करना महिलाओं का अपमान है। लांडगे का असली चेहरा अब जनता के सामने बेनकाब हो रहा है। हार के डर से वे इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं।"

पुणे की समस्याओं पर घेरा

रोहित पवार ने केवल जुबानी जंग तक ही खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्होंने पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ की बुनियादी समस्याओं को लेकर भी सत्ता पक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि पुणे आज ट्रैफिक जाम के मामले में देश में चौथे स्थान पर है। इसके अलावा कचरा प्रबंधन, बढ़ती बेरोजगारी और बढ़ते अपराध ग्राफ ने नागरिकों का जीना मुहाल कर दिया है। रोहित ने दावा किया कि वे विभिन्न एजेंसियों के साथ चर्चा कर रहे हैं ताकि इन समस्याओं का समाधान निकाला जा सके और नागरिकों को न्याय मिल सके।

महायुति में बढ़ती दरार के संकेत

भले ही राज्य स्तर पर बीजेपी और एनसीपी (अजित पवार गुट) साथ मिलकर सरकार चला रहे हों, लेकिन स्थानीय स्तर पर वर्चस्व की लड़ाई अब सार्वजनिक हो चुकी है। पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम पर कब्जे के लिए दोनों ही दल एक-दूसरे को नीचा दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि महायुति के भीतर यह 'फ्रेंडली फाइट' आने वाले दिनों में और उग्र हो सकती है।

स्थानीय राजनीति का बदलता समीकरण

लांडगे ने अपने भाषण में 'देवाभाऊ' (देवेंद्र फडणवीस) की 'लाडकी बहन' योजना का जिक्र कर यह साफ कर दिया कि वे महिला वोट बैंक के दम पर इस लड़ाई को आगे ले जाएंगे। वहीं, विपक्षी खेमा इसे महिलाओं के प्रति असंवेदनशील रवैया बताकर भुनाने की कोशिश में जुटा है।

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