12 Board: 12वीं बोर्ड की परीक्षा देने वाले छात्रों का भविष्य खतरें में! उत्तर पुस्तिका में लगी आग, पूरा बंडल जलकर खाक

12th Board Answer Sheet Caught Fire: महाराष्ट्र में 12वीं बोर्ड की परीक्षा देने वाले छात्रों का भविष्य अब खतरे में आ गया है। क्योंकि खबर आ रही है कि बोर्ड की परीक्षा की उत्तर पुस्तिका जलकर खाक हो गई है।
विरार में एक चौंकाने वाली घटना हुई है, जहां 12वीं बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं शिक्षक के घर में जलकर राख हो गईं।
उत्तर पुस्तिका जलकर खाक (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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पालघर: महाराष्ट्र के पालघर जिले से चौकाने वाली खबर आ रही है। छात्रों के लिए 12वीं बोर्ड की परीक्षा बेहद मायने रखती है। इस परीक्षा में अच्छे नंबर लाने के लिए छात्र दिन भर मेहनत करते है और बोर्ड की परीक्षा देते है। ऐसे में अगर पता चले कि छात्रों के पेपर जलकर खाक हो चुके है तो बच्चों और उनके माता-पिता पर क्या गुजरेगी।

पालघर के विरार में 12वीं बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं जलकर खाक होने की खबर सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार ये घटना पेपर जांचने वाले टीचर के घर पर हुई। बताया जा रहा है कि 12वीं बोर्ड की परीक्षा की उत्तर पत्रिका जांचने के लिए घर ले जा रहे टीचर के घर में आग लग गई और इसी आग में 12वीं की पूरी उत्तर पुस्तिकाएं जलकर राख हो गईं।

पेपर का जला पूरा बंडल

यह घटना 10 मार्च को विरार पश्चिम के बोलिंग नानभट रोड पर गंगूबाई अपार्टमेंट में हुई। मिली जानकारी के अनुसार संबंधित टीचर उत्तर पत्रिकाएं घर ले गए थे। हालांकि, सोमवार को घर में अचानक आग लग गई और आग में उत्तर पत्रिका का पूरा का पूरा बंडल जलकर राख हो गया।

इस घटना से छात्रों के रिजल्ट पर बड़ा असर पड़ने की संभावना है। इस घटना से अब ये सवाल उठ रहा है कि टीचर पेपर अपने घर कैसे ले जा सकते है जबकि 12वीं कक्षा की पेपर स्कूल में ही जांचना अनिवार्य है।

शिक्षा बोर्ड के नियम

आपको बताते चले कि शिक्षा बोर्ड के नियमों के अनुसार परीक्षा समाप्त होने के बाद उत्तर पत्रिकाओं को स्कूल में सुरक्षित तरीके से जांचने के निर्देश दिए जाते हैं। इसलिए सबका ध्यान इस बात पर केंद्रित है कि आखिर यह टीचर उत्तर पुस्तिकाएं घर क्यों ले गई और क्या उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। उत्तर पत्रिका जलाए जाने के कारण कई छात्रों का भविष्य अब अधर में लटकता नजर आ रहा है। इसलिए माता-पिता अब मांग कर रहे हैं कि इस मामले की जल्द-से-जल्द जांच की जाए। और बच्चों के रिजल्ट पर इसका असर न दिखें।