
वर्धा न्यूज
WDCC Bank Action: वर्धा जिले की सहकार महर्षि बापूराव देशमुख शेतकरी सहकारी सूतगिरणी पर आखिरकार वर्धा जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कब्जा कर लिया है। बैंक का लगभग 44 करोड़ 20 लाख रुपये का कर्ज बकाया होने के कारण यह कदम उठाया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 2010 में जब समीर देशमुख वर्धा जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष थे, उस दौरान स्व. बापूराव देशमुख सहकारी सूतगिरणी के नाम पर जिला केंद्रीय बैंक से 15 करोड़ रुपये का कर्ज लिया गया था। लंबे समय तक इस कर्ज की अदायगी नहीं की गई, जिससे ब्याज सहित यह रकम बढ़कर 44 करोड़ 20 लाख रुपये तक पहुंच गई।
कर्ज की वसूली न होने पर बैंक ने कानूनन कार्रवाई शुरू की। जिला केंद्रीय बैंक के प्रबंधक एवं अधिकृत अधिकारी संजय कोरडे ने जानकारी देते हुए बताया कि 22 जनवरी 2025 को सूतगिरणी प्रशासन को नोटिस जारी किया गया था। इसके बावजूद कर्ज की रकम जमा नहीं की गई। अंततः 30 जनवरी 2025 को बैंक ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए सहकार महर्षि बापूराव देशमुख शेतकरी सहकारी सूतगिरणी का औपचारिक रूप से कब्जा ले लिया।
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इस कार्रवाई के तहत महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल के प्लॉट क्रमांक डी-13 और डी-14, जिनका कुल क्षेत्रफल 2,06,397 वर्ग मीटर है, उस पर स्थित इमारतें, मशीनरी और संपूर्ण संपत्ति बैंक के कब्जे में ले ली गई है। इस पूरे मामले को लेकर जिले में सहकार क्षेत्र में हलचल मची हुई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि आगे बैंक इस संपत्ति की नीलामी करता है या कर्ज वसूली के लिए कोई अन्य रास्ता अपनाता है।






