ढोंगी बाबा अशोक खरात को बड़ा झटका: उरण में पत्नी के नाम हुआ करोड़ों का जमीन सौदा रद्द; नेताओं में मची खलबली
Ashok Kharat Uran Land Deal Cancelled: उरण में ढोंगी बाबा अशोक खरात की पत्नी के नाम हुई 3 करोड़ की जमीन रजिस्ट्री रद्द। खरात पर CIDCO की जमीन हड़पने का था आरोप।
- Written By: अनिल सिंह
Ashok Kharat Raigad Uran Land Scam (डिजाइन फोटो)
Ashok Kharat Raigad Uran Land Scam: नासिक के कुख्यात जालसाज और यौन उत्पीड़न के आरोपी अशोक खरात के साम्राज्य पर प्रशासन ने बड़ा प्रहार किया है। रायगढ़ जिले के उरण तहसीलदार डॉ. उद्धव कदम ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए खरात की पत्नी, कल्पना खरात के नाम पर किए गए विवादित भूमि सौदे को रद्द कर दिया है। करोड़ों रुपये के इस जमीन घोटाले के तार SIT जांच से जुड़े हैं, जिसमें सरकारी भूखंडों को हड़पने वाले एक बड़े सिंडिकेट का खुलासा होने की उम्मीद है।
यह मामला उरण के चांजे इलाके का है, जहाँ कल्पना खरात ने 20 गुंठा जमीन संदिग्ध तरीके से खरीदी थी। चौंकाने वाला तथ्य यह है कि जब 12 मार्च 2026 को इस जमीन का पंजीकरण (Registration) हुआ, तब अशोक खरात पुलिस की गिरफ्त में था और उसकी पत्नी फरार चल रही थी। इसके बावजूद, सरकारी तंत्र के भीतर बैठे ‘मददगारों’ की बदौलत यह सौदा न केवल पूरा हुआ, बल्कि 13 अप्रैल 2026 को भूमि संशोधन की मंजूरी भी मिल गई।
3 करोड़ की जमीन, कागजों पर महज 58 लाख
जांच में सामने आया है कि इस 20 गुंठा जमीन का वास्तविक बाजार मूल्य 3 करोड़ रुपये से अधिक है, लेकिन दस्तावेजों में इसे केवल 58.50 लाख रुपये का दिखाया गया था। यह जमीन मूल रूप से करंजा फिशरमैन CIDCO की है। खरात की योजना CIDCO की 22.5 प्रतिशत रिफंड योजना का गलत लाभ उठाकर करोड़ों रुपये कमाने की थी। करंजा समुद्री पुल जैसे विकास कार्यों के कारण यहाँ जमीनों की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिसका फायदा खरात उठाना चाहता था।
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नेताओं और अधिकारियों में बढ़ी दहशत
उरण लैंड डील के रद्द होने से रायगढ़ जिले के राजनीतिक गलियारों और प्रशासनिक हल्कों में हड़कंप मच गया है। SIT को संदेह है कि खरात ने अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर कई गरीब किसानों की जमीनें हड़पी हैं। इस गिरोह में कई उच्च पदस्थ सरकारी अधिकारी और सफेदपोश नेता भी शामिल हो सकते हैं। तहसीलदार द्वारा की गई इस सख्त कार्रवाई ने अब उन ‘पर्दे के पीछे’ के खिलाड़ियों की रातों की नींद उड़ा दी है जिन्होंने खरात के काले साम्राज्य को बढ़ाने में मदद की थी।
रायगढ़ के नागरिक अब सवाल उठा रहे हैं कि क्या जिला बिक्री के लिए रखा गया है? जन आक्रोश को देखते हुए प्रशासन ने इस अवैध खरीद को रद्द कर दिया है और अब SIT इस पूरे सिंडिकेट की गहराई से जांच कर रही है।
