नासिक स्कैंडल, युवती की बेबसी और तांत्रिक की दरिंदगी, दस्तावेजों को बनाया ब्लैकमेलिंग का हथियार

Ashok Kharat Case: बहुचर्चित Nashik Sex Scandal में आरोपी अशोक खरात को छठे मामले में 26 अप्रैल तक PCR मिली। जानें कैसे वह आधार-पैन कार्ड और 'काले जादू' के डर से करता था महिलाओं का शोषण।
The Nashik Scandal: A Young Woman's Helplessness and a Tantric's Brutality Documents Weaponized for Blackmail.
अशोक खरात (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nashik Sex Scandal: नासिक में आध्यात्मिक उपचार और 'दैवीय शक्तियों' के नाम पर महिलाओं का शोषण करने वाले स्वयंभू तांत्रिक अशोक खरात का काला चिट्ठा अब पूरी तरह से खुलता नजर आ रहा है। नासिक की एक स्थानीय अदालत ने शुक्रवार को इस मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए खरात को उसके खिलाफ दर्ज यौन शोषण के छठे मामले में 26 अप्रैल 2026 तक पुलिस हिरासत (PCR) में भेज दिया है।

अशोक खरात, जो पहले मर्चेंट नेवी में अधिकारी रह चुका है, पर लगे आरोप न केवल गंभीर हैं, बल्कि वे समाज के उस विश्वासघाती चेहरे को भी उजागर करते हैं जहाँ आस्था की आड़ में अपराध का खेल खेला जाता है। पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) का दावा है कि उनके पास खरात के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं, जिससे उसकी कानूनी घेरेबंदी और मजबूत हो गई है।

छठा मामला और यौन शोषण की दास्तां

18 मार्च को पहली बार गिरफ्तारी के बाद से ही खरात के खिलाफ एक के बाद एक पीड़ित महिलाएं सामने आ रही हैं। ताजा मामला (छठा मामला) एक ऐसी युवती का है, जो अपनी निजी और पारिवारिक समस्याओं के समाधान की तलाश में खरात के पास पहुंची थी। आरोप है कि खरात ने युवती की लाचारी का फायदा उठाया और उसे डरा-धमकाकर उसका यौन शोषण किया।

ब्लैकमेलिंग का हथियार

पुलिस जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि खरात केवल शारीरिक शोषण तक ही सीमित नहीं था, बल्कि वह सुनियोजित तरीके से पीड़ितों को मानसिक और सामाजिक रूप से पंगु बना देता था। पुलिस के अनुसार, खरात ने पीड़ित युवती और उसके परिवार के सदस्यों के आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज जबरन अपने कब्जे में रख लिए थे। इन दस्तावेजों का उपयोग वह पीड़ितों को ब्लैकमेल करने और उन्हें पुलिस के पास जाने से रोकने के लिए करता था। इसके साथ ही, वह 'काला जादू' और 'दैवीय प्रकोप' का डर दिखाकर यह धमकी देता था कि यदि किसी ने मुंह खोला, तो वह अपनी शक्तियों से उनके पूरे परिवार को बर्बाद कर देगा।

वित्तीय धोखाधड़ी का बड़ा जाल

मर्चेंट नेवी की नौकरी छोड़कर 'बाबा' बने खरात पर केवल यौन उत्पीड़न ही नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी के भी आरोप हैं। वह लोगों को उनकी समस्याओं से मुक्ति दिलाने और भविष्य संवारने का झांसा देकर लाखों रुपये ऐंठता था। एसआईटी अब उन सभी संपत्तियों और बैंक खातों की जांच कर रही है, जो खरात ने इस गोरखधंधे के जरिए बनाए हैं।

SIT की कार्रवाई और भविष्य की राह

पुलिस प्रशासन का कहना है कि अशोक खरात के चंगुल में फंसी और भी महिलाएं हो सकती हैं जो लोक-लाज के डर से सामने नहीं आ रही हैं। प्रशासन ने अपील की है कि पीड़ित बिना डरे शिकायत दर्ज कराएं। फिलहाल, 26 अप्रैल तक की मिली पुलिस कस्टडी में SIT आरोपी से कड़ाई से पूछताछ करेगी ताकि उन दस्तावेजों को बरामद किया जा सके जिन्हें उसने अवैध रूप से दबा कर रखा है।

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