नासिक: गंगापुर रोड पर कुदरत का करिश्मा, एनजीटी की रोक के बाद कटे हुए बरगद के पेड़ों से फिर फूटने लगीं कोंपलें
Nashik Gangapur Road: नासिक के गंगापुर रोड पर सड़क चौड़ीकरण के लिए काटे गए बरगद के पेड़ों के ठूंठ से दोबारा हरी पत्तियां फूटने लगी हैं। एनजीटी की अस्थायी रोक के बाद प्रकृति का यह रूप चर्चा में है।
- Written By: रूपम सिंह
बरगद के पेड़ (सोर्स: सोशल मीडिया)
Nashik Gangapur Road Nature Miracle: नासिक के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक, गंगापुर रोड पर इन दिनों प्रकृति का एक अनोखा और जीवंत रूप देखने को मिल रहा है। कुछ समय पहले तक जिन ऐतिहासिक और विशालकाय बरगद के पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाकर उन्हें लगभग खत्म कर दिया गया था, आज उन्हीं बेजान नजर आने वाले तनों से जिंदगी दोबारा मुस्कुराने लगी है।
राष्ट्रीय हरित अधिकरण की अस्थायी रोक के बाद, इन कटे हुए पेड़ों के ठूंठ से चारों ओर हरी-भरी नई कोंपलें (नर्म पत्तियां) फूटने लगी हैं। कुदरत का यह करिश्मा इस मार्ग से गुजरने वाले नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों के लिए भारी कौतूहल और चर्चा का विषय बना हुआ है।
विकास के नाम चढ़ा दी थी बलि
गंगापुर रोड के चौड़ीकरण और यातायात में बाधा बनने का हवाला देकर प्रशासन ने कुछ समय पहले यहां सैकड़ों वर्षों से सीना ताने खड़े विशाल बरगद के पेड़ों को काटने की प्रक्रिया शुरू की थी। इस अभियान के तहत ठेकेदारों ने इन घने और छायादार पेड़ों की सभी मुख्य शाखाओं और टहनियों को बेरहमी से काट दिया था। सड़क किनारे केवल विशालकाय और सूखे तने (ठूंठ) ही शेष रह गए थे, जिन्हें देखकर ऐसा लग रहा था कि इन प्राचीन पेड़ों का अस्तित्व अब हमेशा के लिए समाप्त हो चुका है।
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एनजीटी ने लगाई दी थी अस्थाई रोक
जब इन पर्यावरण धरोहरों को पूरी तरह जमींदोज करने की तैयारी चल रही थी, तभी पर्यावरण प्रेमियों की ओर से उठाए गए कदमों के बाद राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने इस मामले में हस्तक्षेप किया। एनजीटी ने पर्यावरण के नुकसान को देखते हुए पेड़ों की कटाई पर तत्काल प्रभाव से अस्थायी रोक लगा दी।
प्रशासन की कुल्हाड़ी तो रुक गई, लेकिन कुदरत के बढ़ने की रफ्तार को कोई नहीं रोक सका। एनजीटी का यह आदेश इन मरते हुए पेड़ों के लिए एक तरह से संजीवनी बूटी साबित हुआ। पिछले कुछ दिनों में इन कटे हुए तनों में आए बदलाव ने सबको हैरान कर दिया है। सूखे और बेजान दिख रहे इन तनों से अब चारों तरफ से छोटी-छोटी हरी पत्तियां और नई शाखाएं निकलने लगी हैं।
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राहगीरों के लिए बना कौतूहल
- स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन भले ही इंसानी नियमों और नीतियों से पेड़ों को काटने पर रोक लगा दे या न लगाए, लेकिन प्रकृति के बढ़ने और जीने की इच्छाशक्ति पर कोई रोक नहीं लगा सकता।
- गंगापुर रोड से गुजरने वाले राहगीर अब गाड़ियां रोककर इन पुनर्जीवित होते पेड़ों की तस्वीरें और वीडियो ले रहे हैं।
- सोशल मीडिया पर भी ये तस्वीरें खूब वायरल हो रही है।
- नासिक के पर्यावरण प्रेमियों ने इस पर खुशी जाहिर करते हुए मांग की है कि प्रशासन को अब इन पेड़ों को पूरी तरह जीवनदान देना चाहिए और सड़क के विकास के साथ-साथ इन धरोहरों को सहेजने के लिए कोई वैकल्पिक मार्ग या डिजाइन तैयार करना चाहिए, ताकि विकास और प्रकृति दोनों का संतुलन बना रहे।
