
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nashik Rare Fair 2026: नासिक पुरानी मुद्राओं, डाक टिकटों और दुर्लभ वस्तुओं का संग्रह करने के शौकीनों के लिए नासिक में एक शानदार अवसर आ रहा है। कलेक्टर्स सोसायटी ऑफ न्यूमिसमैटिक एंड रेअर आइटम्स नासिक (CSNRI) की ओर से राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी “रेयर फेअर-2026” का आयोजन 9 से 11 जनवरी तक किया गया है।
यह प्रदर्शनी गंगापुर रोड स्थित चोपड़ा लॉन्स में सुबह 10।30 से रात 8।00 बजे तक सभी के लिए खुली रहेगी। खास बात यह है कि इस प्रदर्शनी में प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क (मोफत) रखा गया है।
इस अनोखी प्रदर्शनी में नासिक के नागरिक ईसा पूर्व 600 वर्ष से लेकर आधुनिक काल तक के इतिहास को सिक्कों के जरिए देख सकेंगे। प्रदर्शनी में मुख्य रूप से पंचमार्क सिक्के, सातवाहन, क्षन्त्रप, यादव और मराठा काल के विभिन्न छत्रपतियों के सिक्के आकर्षण का केंद्र होंगे।
मुगल साम्राज्य, ब्रिटिश इंडिया और रिपब्लिक इंडिया के दुर्लभ सिक्के और नोट भी यहाँ प्रदर्शित किए जाएंगे। भारत के विभिन्न शहरों से नामी और अनुभवी सिक्का संग्राहक अपना दुर्लभ संग्रह लेकर नासिक पहुँच रहे हैं, जिससे एक ही छत के नीचे पूरे देश का इतिहास सिमट जाएगा।
प्रदर्शनी को शिक्षाप्रद और प्रेरक बनाने के लिए कई विशेष इंतजाम किए गए है।
इस वर्ष का ‘जीवन गौरव पुरस्कार-2026’ नासिक के पुरुषोत्तम भार्गवे और नागपुर के अशोक सिंह ठाकुर को उनके शोध और संरक्षण कार्यों के लिए प्रदान किया जाएगा।
प्रदर्शनी में 28 अलग-अलग कक्ष (Stalls) बनाए गए है, जहाँ नागरिक दुर्लभ सिक्के और नोट खरीद या बेच भी सकेंगे।
उद्घाटन समारोह में नासिक के पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक और मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति संजीव सोनवणे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
संस्था के अध्यक्ष विनयकुमार चुबले और सह-आयोजक चेतन राजापुरकर के नेतृत्व में इस भव्य आयोजन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कार्यकारिणी में नलिनी गुजराथी, कपिल पाठक और जितेश पालिजा सहित पूरी टीम सक्रिय रूप से जुटी हुई है।
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आयोजकों ने नासिक के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और परिवारों से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक प्रदर्शनी में जरूर आएं और भारत की समृद्ध विरासत के इस अनमोल खजाने का अनुभव करें। यह प्रदर्शनी न केवल ज्ञान बढ़ाएगी बल्कि नई पीढ़ी को इतिहास के प्रति जागरूक भी करेगी।






