
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Saptshrungi Gad Road: नासिक साढ़े तीन शक्तिपीठों में से एक सप्तशृंगी गड़ पर दर्शन के लिए जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं का सफर अब और भी अधिक सुरक्षित और सुखद होने वाला है।
गड़ पर आने-जाने के लिए वर्तमान में उपलब्ध एकमात्र घाट मार्ग के विकल्प के रूप में सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) ने अब एक नए स्वतंत्र मार्ग की तैयारी शुरू कर दी है।
इस प्रस्तावित नए मार्ग के विस्तृत सर्वेक्षण और आवश्यक भूमि अधिग्रहण प्रस्ताव तैयार करने के लिए विभाग ने जिला प्रशासन से डेढ़ करोड़ रुपये के बजट की मांग की है।
वर्तमान में नांदुरी से सप्तशृंगी गड़ तक लगभग 10 किलोमीटर का एकमात्र घाट मार्ग उपलब्ध है। हालांकि, मानसून के दौरान इस मार्ग पर भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की घटनाएं अधिक होती हैं।
साथ ही नवरात्रि और छुट्टियों के दौरान वाहनों की भारी भीड़ के कारण लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता है। गड़ पर निजी जमीन की कमी और पार्किंग के लिए पर्याप्त जगह न होने से समस्या और गंभीर हो जाती है।
पिछले साल दिसंबर में इसी मार्ग पर एक कार के खाई में गिरने से छह लोगों की मौत की दर्दनाक घटना हुई थी। इन सभी खतरों को देखते हुए अब प्रशासन ‘वन वे’ सिस्टम की तर्ज पर आने और जाने के लिए अलग-अलग रास्तों की योजना बना रहा है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग ने सप्तशृंगी गड, नांदुरी, अभोणा, कनाशी, मानूर और अलियाबाद क्षेत्रों को जोडने वाले रास्ते का नया एलाइनमेंट (संरेखन) तय करने की योजना बनाई है।
विभाग की सहायक अभियंता रोहिणी वसावे ने बताया कि जिला वार्षिक योजना से 1 करोड़ 55 लाख रुपये उपलब्ध कराने की मांग की गई है। जैसे ही प्रशासन से इस फंड को मंजूरी मिलेगी, सर्वेक्षण के काम में तेजी आएगी।
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फिलहाल मौजूदा घाट मार्ग के कंक्रीटीकरण, सुरक्षा दीवार (रिटेनिग वॉल) के निर्माण और पुराने मोड़ों को मजबूत करने का काम प्रगति पर है। नया मार्ग शुरू होने से न केवल श्रद्धालुओं का समय बचेगा, बल्कि यात्रा के दौरान होने वाले हादसों का डर भी खत्म हो जाएगा।






