कुंभ की तैयारी में राजनीति! हरित कुंभ के मंच से 4 मंत्री गायब, गिरीश महाजन ने क्या दिया जवाब?

Nashik Green Kumbh: नासिक में सिंहस्थ कुंभ 2027 के हरित कुंभ शुभारंभ कार्यक्रम में एनसीपी और शिवसेना के चार मंत्री अनुपस्थित रहे। कार्यक्रम से उनकी गैरमौजूदगी पर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज रही।
Nashik Kumbh Mela
नासिक में हरित कुंभ के शुभारंभ के अवसर मौजूद मंत्री गिरीश महाजन व अन्य (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nashik Kumbh Ministers Absent Controversy: नासिक में सोमवार को सिंहस्थ कुंभ मेला 2027 के लिए हरित कुंभ के शुभारंभ के अवसर पर वृक्षारोपण एवं विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन समारोह संपन्न हुआ। हालांकि, इस कार्यक्रम में जिले के राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के तीन तथा शिवसेना (शिंदे गुट) के एक मंत्री अनुपस्थित रहे। इस कारण कार्यक्रम के दौरान इस विषय को लेकर चर्चा होती रही। इन मंत्रियों की अनुपस्थिति का कारण क्या रहा, इस संबंध में कोई जानकारी सामने नहीं आई।

एनसीपी के तीन तो शिंदे गुट के एक मंत्री नदारद

कार्यक्रम की योजना दो दिन पहले ही बनाई गई थी और इसके लिए महानगरपालिका द्वारा निमंत्रण पत्र भी छपवाए गए थे। इनमें प्रमुख अतिथि के रूप में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के मंत्री छगन भुजबल, माणिकराव कोकाटे, नरहरि झिरवाल तथा शिवसेना (शिंदे गुट) के मंत्री दादा भुसे के नाम शामिल किए गए थे। लेकिन ये सभी कार्यक्रम में उपस्थित नहीं रहे। इसी तरह विधान परिषद के सदस्य किशोर दराडे, सत्यजीत तांबे, पंकज भुजबल तथा विधानसभा सदस्य सरोज आहिरे भी कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।

क्या बोले गरीश महाजन?

इस अनुपस्थिति के संबंध में जब पत्रकारों ने मंत्री गिरीश महाजन से सवाल किया, तो उन्होंने कहा कि संभव है कि उन्हें कुछ अन्य काम रहे हो। महाजन ने कहा कि हाल ही में विधानसभा सत्र समाप्त हुआ है, हो सकता है कि अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में कुछ कार्य अटके हों या वे शहर से बाहर हों। मैंने अभी उनसे बात नहीं की है। हम सभी एकजुट हैं और मिलकर काम कर रहे हैं। हम चुनाव भी एक साथ लड़ेंगे और कुंभ मेले के कार्यों में भी सामूहिक रूप से काम कर रहे हैं।

छगन भुजबल की हुई है सर्जरी

बता दें कि मंत्री छगन भुजबल इन दिनों अस्वस्थ हैं। उनकी पिछले दिनों मुंबई के एशियन हार्ट इंस्टीट्यूट में एक सर्जरी हुई है, जिसके चलते वे कई दिनों से आराम कर रहे हैं। उन्होंने महाराष्ट्र निकाय चुनाव के लिए प्रचार नहीं किया। वहीं महाराष्ट्र विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान भी वे अनुपस्थित रहे। इसी वजह से वे नासिक के कार्यक्रम भी नहीं पहुंचे थे।

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