समग्र शिक्षा अभियान में छात्रों को राहत की मांग, कक्षा 9-10 के छात्रों को मुफ्त कॉपियां देने की मांग

Education Support Scheme: समग्र शिक्षा अभियान के तहत कक्षा 9 और 10 के छात्रों को निशुल्क कॉपियां देने की मांग की गई है। जीवन केशरी मराठी स्टूडेंट्स ग्रुप ने मुख्यमंत्री को पत्र सौंपा।
Gondia District Samagra Shiksha Abhiyan
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोेर्स: सोशल मीडिया )
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Free Notebooks Demand: नासिक समग्र शिक्षा अभियान के तहत कक्षा 9 और 10 के छात्रों को निशुल्क कांपियां सरकार द्वारा उपलब्ध कराने की मांग जीवन केशरी मराठी स्टूडेंट्स ग्रुप ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फणनवीस से की है। इसके लिए मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखा गया है।

संस्था ने इस बारे में बताया है कि इस बारे में केंद्र और राज्य सरकार से कई बार प्रयास किए गए हैं लेकिन इस बारे में कोई निर्णय नहीं लिया गया है। यह जानकारी जीवन केशरी मराठी स्टूडेंट्स ग्रुप, नासिक के ग्रुप प्रमुख प्रसाद भालेकर ने दी।

उन्होंने बताया कि इस बारे में, सूचना के अधिकार कानून के तहत केंद्र सरकार के स्कूल शिक्षा और साक्षरता - विभाग से मिले आधिकारिक जवाब में साफ किया गया है कि समग्र शिक्षा अभियान के तहत फंड राज्य सरकार को एक साथ दिए जाते हैं और उन फंड का इस्तेमाल राज्य सरकार प्राथमिकताओं पर निर्भर करता है।

केंद्र सरकार हर साल देती है कापी के लिए फंड

इससे यह साफ है कि केंद्र सरकार ने कक्षा 9 और 10 के विद्यार्थियों को मुफ्त टेक्स्ट बुक देने में कोई कानूनी या पॉलिसी रुकावट नहीं है। हालांकि, 13 नवंबर 2025 के एक पत्र में, महाराष्ट्र प्राइमरी एजुकेशन काउंसिल ने कहा है कि केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार, समग्र शिक्षा अभियान के तहत क्लास 9 और 10 के विद्यार्थियों के लिए मुफ्त टेक्स्टबुक की इजाजत नहीं है।

यह दावा केंद्र सरकार के आधिकारिक जानकारी से मेल नहीं खाता है और इससे प्रशासन में कन्फ्यूजन पैदा हुआ है। इस कन्फ्यूजन का सीधा असर राज्य के लाखों गरीब और जरूरतमंद स्टूडेंट्स पर पड़ रहा है और वे टेक्स्ट बुक के पैसे के बोझ का सामना कर रहे हैं।

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के अनुसार, कक्षा। से 12 तक शिक्षा को बढ़ाने और 2030 तक शैक्षणिक गुणवत्ता हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है। इसलिए, महाराष्ट्र राज्य के लिए यह पूरी तरह मुमकिन है कि वह पहल करे और कम से कम पहले फेज में, राज्य सरकार के फंड से क्लास 9 और 10 के विद्यार्थियों को फ्री टेक्स्ट बुक्स दे।

बालभारती ने पहले भी साफ कर दिया है कि इस बारे में कोई टेक्निकल प्रॉब्लम नहीं है। इसलिए, इस बारे में राज्य सरकार, केंद्र सरकार द्वारा निर्णय लेने की बात आरटीआय के जवाब और नेशनल एजुकेशन पॉलिसी को ध्यान में रखते हुए, इस मुद्दे पर तुरंत पॉलिसी निर्णय लेना चाहिए।

सरकार शुरू करे एक स्टेट लेबल की स्कीम

एकेडमिक ईयर 2026-27 से क्लास 9 और 10 के विद्यार्थियों को फ्री टेक्स्टबुक्स देने के लिए एक स्टेट लेवल स्कीम शुरू की जानी चाहिए और आने वाले स्टेट बजट में इसके लिए जरूरी प्रावधान किए जाने चाहिए।

साथ ही, इस मुद्दे पर संबंधित विभाग को साफ निर्देश दिए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसा कन्फ्यूजन न हो। राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के स्टूडेंट्स के लिए राहत की बात होगी, सेकेंडरी एजुकेशन में लीकेज को रोकने में मदद मिलेगी और महाराष्ट्र राज्य में एजुकेशनल इक्वालिटी की दिशा में एक पॉजिटिव कदम होगा। मुझे पूरी उम्मीद है कि आप इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान देंगे और स्टूडेंट्स के हितों को ध्यान में रखते हुए कोई अच्छा फैसला लेंगे।

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