Nashik Doctor Absconding (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nashik Gangapur Road Suicide Incident: नासिक के जिला सरकारी अस्पताल में कार्यरत मनोचिकित्सक डॉ. नीलेश दत्तात्रय जेजुरकर की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। अपनी पत्नी डॉ. मनीषा जेजुरकर को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी डॉ. जेजुरकर पिछले 3 हफ्तों से पुलिस को चकमा देकर फरार हैं।
नासिक जिला एवं सत्र न्यायालय द्वारा 2 सप्ताह पहले उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बावजूद, आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। 6 मार्च को गंगापुर रोड स्थित डी.के. नगर के रेवती ब्लू अपार्टमेंट में 40 वर्षीय डॉ. मनीषा जेजुरकर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
इस हृदयविदारक घटना के बाद डॉ. मनीषा की बहन रोहिणी वैभव थोरात ने गंगापुर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। प्राथमिकी के अनुसार, संदिग्ध डॉ. नीलेश जेजुरकर साल 2021 से लगातार अपनी पत्नी मनीषा की अनदेखी कर रहे थे। आरोप है कि डॉ. नीलेश घर के छोटे-बड़े कार्यों से लेकर महत्वपूर्ण निर्णयों तक में एक अन्य बाहरी महिला की सलाह लेते थे। उसी महिला के इशारे पर काम करने के कारण पति-पत्नी के बीच निरंतर विवाद होता था। पारिवारिक कलह और पति द्वारा किए जा रहे मानसिक उत्पीड़न से डॉ. मनीषा काफी त्रस्त थीं।
शिकायत में दावा किया गया है कि इसी प्रताड़ना से तंग आकर उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया। मामला दर्ज होने के बाद 9 मार्च से डॉ. जेजुरकर नासिक से लापता हैं। सूत्रों के अनुसार, जिला न्यायालय से झटका लगने के बाद उन्होंने अभी तक बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख नहीं किया है।
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दूसरी ओर, ड्यूटी से अनुपस्थित रहने और गंभीर अपराध दर्ज होने के कारण स्वास्थ्य विभाग ने उनके निलंबन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नासिक पुलिस की विशेष टीमें फरार डॉक्टर की तलाश में जुटी हैं। एक विशेषज्ञ डॉक्टर होने के बावजूद कानून से भागने के उनके कृत्य की चिकित्सा क्षेत्र में कड़ी निंदा और चर्चा हो रही है।अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि पुलिस उन्हें कब सलाखों के पीछे पहुंचाती है।