'खुद को मार डालो वरना सस्पेंड करा देंगे', मुंबई पुलिस कॉन्स्टेबल की आत्महत्या, सुसाइड नोट से खुला राज

Mumbai Police Constable Suicide: मुंबई के कलिना पुलिस मुख्यालय में ट्रेनी कॉन्स्टेबल भैयासाहेब वावले ने आत्महत्या की। सुसाइड नोट में प्रेमिका के परिजनों पर प्रताड़ना और धमकी का आरोप।
Mumbai Police Constable Suicide
Mumbai Police Constable Suicide प्रतीकात्मक तस्वीर
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Kalina Training Center News: मुंबई के कलिना पुलिस मुख्यालय से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां महाराष्ट्र पुलिस के 32 वर्षीय ट्रेनी कॉन्स्टेबल भैयासाहेब भीमराव वावले ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। परभणी के रहने वाले वावले ने 7 फरवरी 2026 को ही पुलिस बल में बतौर ड्राइवर जॉइनिंग की थी और वर्तमान में कलिना प्रशिक्षण केंद्र में अपनी ट्रेनिंग पूरी कर रहे थे। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई है और वकोला पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।

जांचकर्ताओं को मृतक की पैंट की जेब से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसकी पुष्टि उनके पिता ने भी की है। इस पत्र में वावले ने अपनी प्रेमिका के परिवार द्वारा दिए जा रहे मानसिक तनाव और लगातार उत्पीड़न का विस्तार से वर्णन किया है। पत्र के अनुसार, वे पिछले डेढ़ साल से नांदेड़ की एक युवती के साथ प्रेम संबंध में थे और उससे शादी करना चाहते थे, लेकिन लड़की के परिजनों को यह रिश्ता कतई मंजूर नहीं था।

सुसाइड नोट में गंभीर उत्पीड़न और धमकियों का खुलासा

बरामद सुसाइड नोट में भैयासाहेब वावले ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए लिखा कि लड़की के घरवाले उन पर रिश्ता तोड़ने के लिए लगातार दबाव बना रहे थे। पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि उन्हें और उनके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी जा रही थीं। सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि लड़की के परिजनों ने कथित तौर पर उनसे कहा था कि या तो वे खुद को मार डालें या फिर उन्हें सस्पेंड करवा दिया जाएगा। इसी मानसिक प्रताड़ना और करियर बर्बाद होने के डर ने उन्हें यह आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।

वकोला पुलिस द्वारा आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज

भैयासाहेब के परिवार द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत और सुसाइड नोट के आधार पर वकोला पुलिस ने युवती के माता-पिता के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुसाइड नोट एक महत्वपूर्ण सबूत है और इसे कब्जे में ले लिया गया है। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि घटना वाले दिन भी मृतक को लड़की के परिवार की ओर से धमकी भरे फोन कॉल आए थे, जिससे उनका मानसिक तनाव चरम पर पहुंच गया था।

फॉरेंसिक जांच और कॉल डेटा रिकॉर्ड का विश्लेषण

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मुंबई पुलिस ने सुसाइड नोट को लिखावट सत्यापन और फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है ताकि इसकी प्रामाणिकता सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही, पुलिस मृतक और आरोपी पक्ष के कॉल डेटा रिकॉर्ड (CDR) को भी खंगाल रही है ताकि धमकियों और बातचीत के समय की पुष्टि की जा सके। फिलहाल इस मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस दोनों परिवारों के बयान दर्ज कर रही है और कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है।

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