'सब उड़ा देंगे...', ईरान की मुस्लिम देशों को खुली चेतावनी, मिडिल ईस्ट के वित्तीय संस्थानों पर मंडराया खतरा

Iran Bank Threat: ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने मिडिल ईस्ट के बैंकों और वित्तीय संस्थानों को रणनीतिक निशाना बनाने का ऐलान किया है, जिससे दुबई और सऊदी अरब जैसे आर्थिक केंद्रों में भारी हलचल मच गई है।
"We will blow everything up..." Iran issues an open warning to Muslim countries, threatening Middle East banks.
ईरान ने दी बैंक और वित्तीय संस्थानों को उड़ाने की चेतावनी, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Iran War Latest News: पश्चिम एशिया में जारी तनाव अब एक ऐसे खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है जो वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख सकता है। ईरान की संयुक्त सैन्य कमान, 'खातम अल-अंबिया हेडक्वाटर्स' (Khatam al-Anbiya Headquarters) ने बुधवार को एक बड़ा और चौंकाने वाला ऐलान किया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि अब उनके निशाने पर मिडिल ईस्ट में स्थित बैंक और वित्तीय संस्थान होंगे।

आर्थिक केंद्रों पर हमले की तैयारी

ईरानी सैन्य कमान के इस ऐलान के बाद मिडिल ईस्ट के प्रमुख आर्थिक केंद्रों जैसे दुबई, सऊदी अरब और बहरीन में हड़कंप मच गया है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि इन संस्थानों की पहचान कर ली गई है और उन्हें किसी भी समय निशाना बनाया जा सकता है। विशेष रूप से दुबई, जो मिडिल ईस्ट का सबसे बड़ा वित्तीय हब माना जाता है, वहां मौजूद हजारों अंतरराष्ट्रीय बैंकों और निवेश फर्मों के लिए यह एक गंभीर सुरक्षा खतरा बन गया है।

क्यों बदली ईरान ने अपनी रणनीति?

ईरान ने अपनी युद्ध नीति में यह बड़ा बदलाव तेहरान में हुई हालिया सैन्य घटनाओं के जवाब में लिया है। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायल और अमेरिका द्वारा किए गए हवाई हमलों में तेहरान स्थित एक बैंक के कई कर्मचारियों की मौत हो गई थी। ईरान का दावा है कि ये हमले 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' (Operation Epic Fury) का हिस्सा थे, जिसमें कथित तौर पर सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई और कई शीर्ष कमांडरों की जान गई है। ईरान ने इन हमलों को क्रूर बताते हुए अब सीधे तौर पर आर्थिक ढांचे को तबाह करने की धमकी दी है।

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है बुरा असर

अब तक यह युद्ध मुख्य रूप से सैन्य ठिकानों और सीमावर्ती क्षेत्रों तक सीमित था, लेकिन बैंकों को निशाना बनाने की धमकी ने पूरे क्षेत्र में भारी अस्थिरता पैदा कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान इन वित्तीय संस्थानों पर हमला करता है, तो इसका सीधा असर वैश्विक शेयर बाजारों और तेल की कीमतों पर पड़ेगा।

दुबई और सऊदी अरब जैसे देशों में अंतरराष्ट्रीय निवेश का बड़ा हिस्सा लगा हुआ है, ऐसे में किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई दुनिया भर की अर्थव्यवस्था को संकट में डाल सकती है। ईरान ने पहले ही दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण ठिकानों पर ड्रोन हमलों के जरिए अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया है। अब बैंकों को निशाना बनाने की यह नई रणनीति मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष को एक नए और विनाशकारी चरण में ले जा सकती है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com