RSS का 'पानीपत मंथन', जुटेंगे संघ के 1489 दिग्गज; शताब्दी वर्ष के लिए तैयार हो रहा है 'महाप्लान'

RSS Meeting: पानीपत के समालखा में आज से RSS की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा शुरू हो रही है। संघ प्रमुख मोहन भागवत समेत 1489 प्रतिनिधि शताब्दी वर्ष की कार्ययोजना और देश के जरूरी मुद्दों पर मंथन करेंगे।
rss panipat meeting
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, (सोर्स-सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

RSS Panipat Meeting: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की सबसे महत्वपूर्ण और सर्वोच्च निर्णय लेने वाली इकाई, 'अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा' की वार्षिक बैठक इस वर्ष पानीपत के समालखा में आयोजित की जा रही है। संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाली यह तीन दिवसीय बैठक न केवल ऐतिहासिक है, बल्कि भविष्य की रणनीतियों के लिहाज से भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 13 से 15 मार्च तक चलने वाली यह बैठक पट्टीकल्याणा स्थित माधव सृष्टि, ग्राम विकास एवं सेवा साधना केंद्र में संपन्न होगी।

सुनील आंबेकर करेंगे एजेंडे का खुलासा

बैठक के औपचारिक सत्र शुरू होने से पहले, अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर द्वारा एक विशेष प्रेस वार्ता आयोजित प्रेस वार्ता में दी। इसमें आगामी तीन दिनों के सत्रों, चर्चा के प्रमुख बिंदुओं और प्रतिनिधि सभा के एजेंडे को लेकर विस्तृत जानकारी साझा की।

जुटेंगे 1489 दिग्गज कार्यकर्ता

इस बैठक में संघ की सर्वोच्च कमान उपस्थित रहेगी। सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले की उपस्थिति में देश भर से आए 1489 प्रतिनिधि मंथन करेंगे। बैठक में संघ की केंद्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों के साथ-साथ सभी सह-सरकार्यवाह भी भाग लेंगे। इसके अलावा, संघ से प्रेरित 32 विभिन्न संगठनों के राष्ट्रीय अध्यक्ष, महामंत्री और संगठन मंत्री भी इस विशाल मंच का हिस्सा बनेंगे, जिससे विभिन्न सामाजिक और राष्ट्रीय विषयों पर व्यापक संवाद संभव होगा।

शताब्दी वर्ष और भावी कार्ययोजना

इस बैठक का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2025-26 के कार्यों की गहन समीक्षा करना और आगामी वर्ष के लिए एक ठोस खाका तैयार करना है। इसमें संघ शिक्षा वर्ग, कार्यकर्ता विकास वर्ग और अन्य महत्वपूर्ण प्रशिक्षण योजनाओं पर निर्णय लिए जाएंगे। हरियाणा प्रांत के प्रचार प्रमुख राजेश कुमार ने पुष्टि की है कि आयोजन को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। देश भर के प्रतिनिधि अपने क्षेत्रों के अनुभव और राष्ट्रीय परिदृश्य पर अपनी राय रखेंगे, जिससे संघ की भविष्य की दिशा निर्धारित होगी।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com