
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nashik Municipal Election: नासिक महानगरपालिका चुनाव के तहत आज पंचवटी क्षेत्र के 6 प्रभागों में महामुकाबला होने जा रहा है। यह चुनाव केवल पार्षदों के चयन तक सीमित न रहकर स्थानीय लोकतंत्र की मजबूती की कसौटी बन गया है।
विडंबना यह है कि इस बार चुनाव में पानी, सड़क और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी विकास के मुद्दों के बजाय राजनीतिक प्रभाव, घरानाशाही और व्यक्तिगत छवि जैसे मुद्दे चर्चा के केंद्र में हैं। मतदाताओं के लिए यह चुनाव किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है।
चुनाव प्रचार के दौरान उभरे प्रमुख पहलू इस प्रकार हैं। कई प्रभागों में उम्मीदवारों की योग्यता और अनुभव के स्थान पर उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि और राजनीतिक संबंधों को अधिक महत्व दिया जा रहा है।
मैदान में उच्च शिक्षित निर्दलीयों से लेकर पारंपरिक राजनीतिक परिवारों के चेहरों की भरमार है। जानकारों का मानना है कि उम्मीदवारों की अधिक संख्या के कारण जीत-हार का अंतर बहुत कम रहेगा। चुनावी शोर-शराबे में जलापूर्ति, खराब सड़कें, कचरा प्रबंधन और अतिक्रमण जैसे ज्वलंत मुद्दे कहीं पीछे छूट गए हैं।
पंचवटी के जागरूक नागरिकों के बीच यह चिंता का विषय बना हुआ है कि ‘काम कौन करेगा’ के बजाय ‘किसका संबंध किससे है’, इसे प्राथमिकता दी जा रही है। यदि चुनाव केवल व्यक्ति विशेष या प्रभाव के इर्द-गिर्द केंद्रित रहा, तो जनता के मूलभूत प्रश्न अगले पांच वर्षों तक अनसुलझे ही रह जाएंगे। मतदाताओं के पास आज मौका है कि वे प्रभाव के बजाय कार्यक्षमता को चुनें।
प्रशासन ने पंचवटी क्षेत्र के सभी संवेदनशील केंद्रों पर भारी पुलिस बल तैनात किया है। किसी भी प्रकार के दबाव, प्रलोभन या अफवाह को रोकने के लिए सादी वर्दी में भी पुलिसकर्मी गश्त कर रहे है। अधिकारियों ने अपील की है कि मतदाता निर्भय होकर घर से बाहर निकलें और लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए अपने विवेक से मतदान करें।
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पंचवटी के भविष्य के लिए यह जरूरी है कि उम्मीदवार की विकास की स्पष्ट सोच को परखा जाए। आपका एक सही वोट अगले 5 वर्षों के लिए क्षेत्र की दशा और दिशा तय करेगा। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जो इस बात का संकेत है कि जनता बदलाव या स्थिरता के मूड में है।






