नासिक का अगला महापौर कौन? महिला आरक्षण के बाद मंत्री गिरीश महाजन ने दिए संकेत

Nashik News: महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं के महापौर आरक्षण की लॉटरी में नासिक का मेयर पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित हुआ। गिरीश महाजन ने कहा, भाजपा नासिक को अनुभवी और शिक्षित नेतृत्व देगी।
Nashik Mayor Reservation Girish Mahajan Statement
मंत्री गिरीश महाजन (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nashik Mayor News: महाराष्ट्र की सभी 29 महानगरपालिकाओं में महापौर पद के आरक्षण के लिए आज लॉटरी निकाली गई। नासिक का महापौर पद सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। इस घोषणा के बाद राज्य के कुंभ मेला मंत्री गिरीश महाजन ने स्पष्ट किया है कि भले ही पद के लिए दावेदारों की संख्या अधिक हो, लेकिन भाजपा नासिक को एक ऐसा चेहरा देगी जो सुशिक्षित हो और जिसे प्रशासन संभालने का अनुभव हो।

मंत्री गिरीश महाजन ने जोर देकर कहा कि कुंभ मेले के विकास कार्यों को गति देने वाला नेतृत्व ही शहर की कमान संभालेगा। आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होते ही इच्छुक उम्मीदवारों ने लॉबिंग शुरू कर दी है। हालांकि, मंत्री महाजन ने स्पष्ट किया कि कोई कितनी भी कोशिश कर ले, महापौर पद पर वही विराजमान होगा जो पार्टी के कड़े मानदंडों पर खरा उतरेगा। उन्होंने कहा कि कुंभ मेले के कार्य शुरू हो चुके हैं और उन्हें समय सीमा के भीतर पूरा करना एक बड़ी चुनौती है। इसलिए, नासिक के नागरिकों को एक अनुभवी और शिक्षित महापौर ही देखने को मिलेगा।

हमारे पास स्पष्ट बहुमत: गिरीश महाजन

सत्ता समीकरणों पर चर्चा करते हुए महाजन ने कहा कि नासिक मनपा में भाजपा और शिंदे गुट की शिवसेना अलग-अलग चुनाव लड़े थे। भाजपा को बहुमत से अधिक सीटें हासिल हुई हैं, इसलिए तकनीकी रूप से शिंदे सेना को सत्ता में शामिल करने की आवश्यकता नहीं है लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि राज्य स्तर पर गठबंधन के निर्णयों को ध्यान में रखा जाएगा और वरिष्ठ नेताओं के निर्देशानुसार ही आगे का फैसला लिया जाएगा।

अन्य दलों के पार्षदों में भाजपा में आने की होड़

महाजन ने यह कहकर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है कि विपक्षी दलों के कई पार्षद भाजपा में शामिल होने के इच्छुक हैं और लगातार संपर्क कर रहे हैं। उन्होंने कहा दलबदल का सिलसिला अभी थमा नहीं है। कई पार्षदों ने हमसे संपर्क किया है, लेकिन हमने अभी उनके प्रवेश पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। आने वाले समय में वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ चर्चा के बाद ही इस पर फैसला होगा, जिससे अब यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर वे कौन से पार्षद हैं जो भाजपा का दामन थाम सकते हैं।