
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स : सोशल मीडिया )
Urban Infrastructure: नासिक आगामी सिंहस्थ कुंभमेला 2027 को ध्यान में रखते हुए नासिक महानगरपालिका ने शहर की बुनियादी सुविधाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुदृढ़ करने की तैयारी शुरू कर दी है।
इसी कड़ी में नासिक मनपा के सार्वजनिक निर्माण विभाग के इंजीनियरिंग दल ने ‘भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), मुंबई’ में एक विशेष तकनीकी कार्यशाला में हिस्सा लिया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य शहर की सड़कों को लंबे समय तक टिकाऊ और दोषमुक्त बनाना है।
आईआईटी मुंबई के विशेषज्ञ प्रोफेसर धर्मवीर सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला में नासिक मनपा के अधिकारियों ने सड़क निर्माण की बारीकियों को समझा।
कंक्रीट और डामरी सड़कों के निर्माण के लिए उपयोग होने वाली आधुनिक पद्धतियों और मानकों की जानकारी दी गई। केवल प्रयोगशाला ही नहीं, बल्कि निर्माण स्थल पर गुणवत्ता की जांच कैसे की जाए, इसका व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया।
अतिरिक्त आयुक्त प्रदीप चौधरी और मुख्य अभियंता संजय अग्रवाल के नेतृत्व में कार्यकारी अभियंता संदेश शिंदे, रवींद्र बागुल, रवींद्र पाटिल, प्रशांत पगार और नवनीत भामरे सहित कनिष्ठ अभियंताओं ने प्रशिक्षण लिया।
कुंभ मेले के दौरान सड़कों पर पड़ने वाले भारी दबाव को झेलने के लिए उच्च गुणवत्ता वाली सड़कों का विकास होगा। इस साझेदारी से मनपा की अपनी प्रयोगशाला सुविधाओं को भी आधुनिक और अपग्रेड करने में मदद मिलेगी। आईआईटी के विशेषज्ञों की निगरानी से भ्रष्टाचार और खराब गुणवत्ता की शिकायतों पर लगाम लगेगी और सड़कों की लाइफ बढ़ेगी।
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नासिक मनपा का यह कदम शहर के भविष्य के लिए मिल का पत्थर साबित होगा। सिंहस्थ कुंभ मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि शहर के कायाकल्प का अवसर है। आईआईटी जैसे संस्थान के साथ जुड़ने से नासिक की बुनियादी संरचनाएं अधिक विश्वसनीय और उच्च गुणवत्ता वाली बनेंगी, जिसका लाभशहरवासियों को दशकों तक मिलेगा।






