
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स : सोशल मीडिया)
Maharashtra Politics Democracy Debate: नासिक ‘ईवीएम के जरिए चुनाव कराना लोकतंत्र का अपमान है। जिस देश ने ईवीएम बनाई, उसने खुद इस पर प्रतिबंध लगा दिया है, लेकिन भारत में अब भी इसका हठ जारी है।’ यह तीखा हमला मनसे के प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व नगरसेवक सलीम शेख ने सत्तापक्ष पर बोला।
कामगार भवन सभागार में आयोजित ‘संवाद कृतज्ञता सम्मेलन’ में शेख ने दावा किया कि भले ही मशीनों ने विरोधियों को चुन लिया हो, लेकिन जनता के दिलों के नगरसेवक वे खुद ही बने रहेंगे।
सलीम शेख ने चुनावी नतीजों पर गंभीर सवाल उठाते हुए विरोधियों को आड़े हाथों लियाय शेख ने कहा कि जिन्हें वार्ड में कभी किसी ने देखा नहीं और जिनका कोई सामाजिक कार्य नहीं है, वे अचानक नगरसेवक कैसे बन गए? उन्होंने तंज कसा कि सातपुर सहित पूरे महाराष्ट्र में ऐसे लोगों को अब जनता ‘ईवीएम नगरसेवक’ के रूप में पहचान रही है।
शेख ने याद दिलाया कि ईवीएम के खिलाफ सबसे पहले आवाज राज ठाकरे ने उठाई थी, तब अन्य दलों ने साथ नहीं दिया था, जिसका खामियाजा आज सबको भुगतना पड़ रहा है।
शेख ने कहा कि उन्होंने राजनीति के लिए कभी समाजसेवा नहीं की। सुख-दुख में हमेशा जनता के साथ खड़े रहे, इसीलिए हार के बाद भी लोगों का अपार प्रेम मिल रहा है।
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उन्होंने आश्वासन दिया कि भले ही वे वर्तमान में सदन में नहीं, अगले 5 साल उनका कार्यालय और घर जनता की सेवा के लिए हमेशा खुला रहेगा। शेख ने घोषणा की कि आगामी चुनाव बैलट पेपर पर कराने के लिए वे सभी विपक्षी दलों के नेताओं को एकजुट करेंगे और चुनाव आयोग के समक्ष दौस मांग रखेंगे।






