नागपुर में लाउडस्पीकर पर 'सर्जिकल स्ट्राइक', धार्मिक स्थलों से भोंगे हटाने का आदेश, FIR की चेतावनी

Nagpur Loudspeaker Ban: नागपुर के पाचपावली में हाईकोर्ट के आदेश पर धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाने का निर्देश दिया गया है। उल्लंघन करने वालों पर FIR दर्ज की जाएगी।
Nagpur Loudspeaker Ban
Nagpur Loudspeaker Ban (फोटो क्रेडिट-X)
Published on
Updated on

Pachpaoli Police Station Loudspeaker Order: नागपुर के पाचपावली इलाके में अब धार्मिक स्थलों से गूँजने वाली अज़ान, भजन या किसी भी प्रकार के धार्मिक उद्घोष की आवाज़ लाउडस्पीकर पर नहीं सुनाई देगी। माननीय उच्च न्यायालय की नागपुर बेंच के निर्देशों का पालन करते हुए पाचपावली पुलिस ने एक कड़ा आधिकारिक आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत क्षेत्र के सभी मंदिरों, मस्जिदों, बुद्ध विहारों, गुरुद्वारों और चर्चों को अपने परिसरों से लाउडस्पीकर और भोंगे तुरंत हटाने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन का यह कदम शहर में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने और न्यायालय की गरिमा बनाए रखने के लिए उठाया गया है।

पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह नियम किसी एक विशेष धर्म के लिए नहीं, बल्कि सभी धार्मिक संस्थाओं पर समान रूप से लागू होगा। पाचपावली पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ने सभी धर्मगुरुओं और प्रबंधन समितियों को सूचित किया है कि वे स्वेच्छा से इन उपकरणों को हटा लें। इस आदेश के बाद से पूरे नागपुर शहर में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है, क्योंकि पुलिस अब धार्मिक स्थलों का औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) करने की तैयारी में है।

ध्वनि प्रदूषण पर उच्च न्यायालय का सख्त रुख

उच्च न्यायालय ने ध्वनि प्रदूषण को लेकर बढ़ती जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह स्पष्ट किया है कि किसी भी नागरिक को शांति से रहने का मौलिक अधिकार है। न्यायालय के अनुसार, कोई भी धार्मिक स्थल ऐसे लाउडस्पीकर का उपयोग नहीं कर सकता जिसकी आवाज़ सार्वजनिक रूप से आम जनता तक पहुँचती हो और ध्वनि के निर्धारित डेसिबल स्तर का उल्लंघन करती हो। पाचपावली पुलिस ने इसी कानूनी ढांचे को आधार बनाकर क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कड़ा फैसला लिया है।

उल्लंघन करने पर दर्ज होगी FIR

पुलिस द्वारा जारी अधिसूचना में साफ चेतावनी दी गई है कि यदि किसी भी धार्मिक स्थल पर आदेश के बावजूद लाउडस्पीकर या भोंगा लगा हुआ पाया गया, तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में संबंधित मंदिर, मस्जिद या विहार की प्रबंध समिति के अध्यक्ष, सचिव और अन्य जिम्मेदार सदस्यों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज की जाएगी। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियमों की अनदेखी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

धार्मिक समितियों और नागरिकों को निर्देश

पाचपावली पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने सभी समुदायों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उन्हें विश्वास में लेने का प्रयास किया है। पुलिस ने अपील की है कि सभी धार्मिक संस्थाएं कानून का सम्मान करें और समाज में आपसी भाईचारा व शांति बनाए रखने में सहयोग दें। नागरिकों से भी अनुरोध किया गया है कि वे इस प्रशासनिक निर्णय को सकारात्मक रूप से लें। कई स्थानीय संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है, जबकि कुछ समितियों ने आंतरिक रूप से चर्चा कर मशीनों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com