

Desaiganj Nagar Parishad: देसाईगंज नगर परिषद द्वारा शहर में बकाया मालमत्ता (संपत्ति) कर की प्रभावी वसूली के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान को और तेज करने के लिए नगर परिषद प्रशासन ने कुल 8 विशेष दस्ते गठित किए हैं। ये दस्ते शहर के विभिन्न प्रभागों में जाकर बकायादार संपत्ति धारकों से टैक्स वसूली कर रहे हैं।
नगर परिषद की ओर से चालू वित्तीय वर्ष में 2.67 करोड़ रुपये संपत्ति कर वसूली का लक्ष्य रखा गया है। अब तक करीब 1.40 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है। शेष बकाया कर वसूलने के लिए अभियान को और तेज किया गया है।
नगर परिषद द्वारा गठित आठों दस्तों को शहर के विभिन्न क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी गई है। ये दस्ते संबंधित क्षेत्रों में जाकर मालमत्ता धारकों को बकाया टैक्स भरने की सूचना दे रहे हैं और उनसे तत्काल कर भुगतान करने का आग्रह कर रहे हैं।
मालमत्ता टैक्स समय पर जमा न करने पर प्रति माह 2 प्रतिशत की दर से जुर्माना लगाया जाता है, जो फिलहाल बढ़कर 24 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। नगर परिषद ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक जुर्माने से बचने के लिए जल्द से जल्द अपना बकाया टैक्स जमा करें। इसके साथ ही लंबे समय से टैक्स बकाया रखने वाले संपत्ति धारकों को जब्ती नोटिस देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। नोटिस मिलने के बाद भी यदि कोई जवाब नहीं मिलता है, तो संपत्ति जब्ती की कार्रवाई की जाएगी।
बकाया टैक्स के मामलों को निपटाने के लिए 14 मार्च को आयोजित होने वाली लोक अदालत के लिए 286 संपत्ति धारकों को नोटिस जारी किए गए हैं।
नगर परिषद के मुख्याधिकारी सतीश चौधरी ने कहा कि शहर के विकास, बुनियादी सुविधाओं और विभिन्न नागरिक सेवाओं के लिए मालमत्ता टैक्स एक महत्वपूर्ण राजस्व स्रोत है। इसलिए नागरिकों को समय पर टैक्स जमा करना चाहिए।
नगराध्यक्ष लता सुंदरकर ने भी नागरिकों से अपील की कि शहर की सड़कें, जलापूर्ति, स्वच्छता और अन्य विकास कार्यों के लिए संपत्ति कर महत्वपूर्ण है। नागरिक समय पर टैक्स भरकर नगर परिषद के विकास में सहयोग करें और जब्ती जैसी कार्रवाई से बचें।
वहीं उपाध्यक्ष नरेश विठ्ठलानी ने कहा कि देसाईगंज शहर हम सभी का है और इसके विकास के लिए प्रत्येक नागरिक की भागीदारी जरूरी है। नागरिक समय पर संपत्ति कर भरकर अपनी जिम्मेदारी निभाएं।