वोटर लिस्ट भी बेच रहा चुनाव आयोग, उम्मीदवारों को खर्च करने होंगे 6 से 12 हजार रुपये

Electoral Roll Fee: नागपुर महानगरपालिका चुनाव में उम्मीदवारों को अब मतदाता सूची मुफ्त न देकर प्रति पृष्ठ शुल्क लिया जा रहा है, जिससे उन्हें 6 से 12 हजार रुपये तक अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है।
Electoral Roll Fee
Electoral Roll Fee:नागपुर महानगरपालिका चुनाव (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Nagpur Municipal Election: महानगरपालिका चुनाव में उम्मीदवारों को उपलब्ध कराई जाने वाली मतदाता सूची अब मुफ्त न देकर शुल्क लेकर दी जा रही है। मनपा प्रशासन ने कार्यालय में प्रभाग-वार मतदाता सूची के पृष्ठों की संख्या और उसकी कीमत दर्शाने वाला सूचना फलक लगा दिया है। प्रति पृष्ठ दो रुपये की दर से यह सूची उपलब्ध कराई जा रही है। इसके चलते उम्मीदवारों को अब 6 हजार से 12 हजार रुपये तक अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है।

उम्मीदवारों का आरोप है कि यह चुनाव आयोग की मनमानी है। इससे पहले के चुनावों में प्रत्येक उम्मीदवार को उसके प्रभाग की मतदाता सूची नि:शुल्क दी जाती थी, लेकिन इस बार प्रति पेज शुल्क वसूला जा रहा है। उदाहरण के तौर पर, प्रभाग क्रमांक 1 की मतदाता सूची 3,469 पृष्ठों की है, जिसके लिए उम्मीदवार को 6,939 रुपये चुकाने होंगे। वहीं प्रभाग क्रमांक 36 की मतदाता सूची 5,653 पृष्ठों की है, जिसके लिए 11,306 रुपये का भुगतान करना पड़ेगा।

भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत का आरोप

कांग्रेस नेता प्रफुल गुडधे पाटिल ने इस फैसले को मनमानी करार दिया है। उन्होंने कहा कि पहले उम्मीदवारों को मतदाता सूची नि:शुल्क दी जाती थी, लेकिन अब उसके लिए पैसे वसूले जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत है।

जानबूझकर बाधाएं खड़ी की जा रही: प्रफुल गुडधे

पाटिल का कहना है कि उम्मीदवारों के हाथों में मतदाता सूची न पहुंचे, इसलिए जानबूझकर बाधाएं खड़ी की जा रही हैं ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सामने न आ सके। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई उम्मीदवारों द्वारा राशि जमा करने के बावजूद मतदाता सूची समय पर उपलब्ध नहीं कराई जा रही है और जानबूझकर देरी की जा रही है। इससे पूरी चुनावी प्रक्रिया संदेह के घेरे में आ गई है।

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