
Election Commission Rule:नासिक में मतदान (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nashik Election Violation: चुनाव आयोग द्वारा मतदाताओं के परिवहन पर सख्त प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद, मतदान के दिन प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने नियमों को नजरअंदाज करते हुए मतदाताओं को रिक्शा में बिठाकर सीधे मतदान केंद्रों के मुख्य द्वार तक पहुंचाया। अधिक से अधिक मतदान सुनिश्चित करने के लिए सभी दलों के कार्यकर्ता दिनभर सक्रिय नजर आए। चुनावी प्रचार थमने के बाद से ही उम्मीदवारों ने मतदान दिवस की रणनीति पर विशेष ध्यान देना शुरू कर दिया था।
मतदान की पूर्व संध्या पर मतदाताओं से संपर्क कर उनके ‘निश्चित वोट’ चिन्हित किए गए और उन्हें मतदान केंद्र तक लाने की जिम्मेदारी कार्यकर्ताओं को सौंपी गई। इसी योजना के तहत मतदाताओं को घर से निकालकर मतदान केंद्र तक लाने और मतदान के बाद वापस घर छोड़ने के लिए बड़ी संख्या में किराए के रिक्शा तैनात किए गए थे। सुबह के मुकाबले दोपहर तीन बजे के बाद मतदान केंद्रों के आसपास इन रिक्शाओं की आवाजाही में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई।
नियमों के उल्लंघन पर नजर रखने के लिए चुनाव आयोग ने उड़नदस्तों (फ्लाइंग स्क्वायड) की नियुक्ति की थी। इसके बावजूद गुरुवार को कई जगहों पर उम्मीदवारों ने आयोग के निर्देशों को ठेंगा दिखाते हुए रिक्शा के जरिए मतदाताओं को ढोया। कल तक लग्जरी कारों में घूमने वाले उम्मीदवार मतदान के दिन केंद्रों के बाहर डटे रहे और आने-जाने वाले हर मतदाता से हाथ जोड़कर अभिवादन करते नजर आए। लगभग सभी वार्डों में कमोवेश यही स्थिति बनी रही।
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मतदाताओं को घर से लाने और मतदान केंद्र तक पहुंचाने के दौरान कार्यकर्ताओं की सक्रियता चरम पर रही। वोटिंग स्लिप (पर्ची) देते समय कार्यकर्ता मतदाताओं को विशेष निर्देश देते दिखाई दिए। रिक्शा में बैठाते समय और बूथ के पास ले जाते वक्त मतदाताओं को बार-बार याद दिलाया जा रहा था कि ईवीएम मशीन पर किस नंबर का बटन दबाना है और अपने उम्मीदवार के चुनाव चिन्ह को ध्यान से देखकर मतदान करना है।






