
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nashik Dwarka Circle Grade Separator: नासिक द्वारका सर्कल पर ग्रेड सेपरेटर के निर्माण कार्य के कारण भारी बाहनों और बसों के रूट डायवर्जन से उत्पन्न होने वाली संभावित अव्यवस्था को देखते हुए नासिक पुलिस ने अब एक नया सवें शुरू किया है।
हालांकि, महाराष्ट्र राज्य परिवहन (ST) और सिटी लिंक बसों को पहले ही वैकल्पिक मार्गों पर मोड़ दिया गया है, लेकिन भारी वाहनों के लिए अगले चार दिनों तक स्थिति का आकलन करने के बाद ही पूर्ण डायवर्जन लागू किया जाएगा।
नियोजन और पुलिस की रणनीतिः शहर के सबसे व्यस्त द्वारका जंक्शन पर ट्रैफिक जाम की समस्या को हल करने के लिए ग्रेड सेपरेटर प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। पुलिस प्रशासन ने पहले ही रूट डायवर्जन का अध्यादेश जारी कर दिया था, जिसे 30 जनवरी से लागू होना था।
सहायक पुलिस आयुक्त (अपराध शाखा) संदीप मिटके ने बताया, शहर में आने वाली बसों और भारी वाहनों की संख्या बहुत अधिक है। यदि एक साथ सारा ट्रैफिक मोड़ दिया गया, तो नागरिकों को भारी असुविधा हो सकती है। इसलिए, हम भारी वाहनों को अभी केवल निश्चित समय के लिए ही वैकल्पिक मागों पर भेज रहे हैं।
हम यह देख रहे हैं कि किस समय और किन कारणों से वैकल्पिक मार्गों पर जाम लग रहा है। अगले 3-4 दिनों तक धीरे-धीरे इन रास्तों का उपयोग बढ़ाया जाएगा ताकि चालक इसके अभ्यस्त हो सकें बसों के लिए रूट डायवर्जन शुरू भारी वाहनों के विपरीत, एसटी और सिटी लिक बसों ने वैकल्पिक मागों का उपयोग शुरू कर दिया है।
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पुर्ण मार्ग से आने वाली बसेः इनमें से कुछ बसे साईनाथनगर चौफुली से इंदिरानगर अंडरपास के रास्ते भेजी जा रही है। अन्य रूट कुछ बसों को कलानगर सिग्नल से लेखानगर की ओर मोड़ा गया है। पुलिस प्रशासन के अनुसार, वैकल्पिक मार्गों की बाधाओं को दूर करने के बाद ही संपूर्ण यातायात को पूरी तरह से डायवर्ट किया जाएगा, फिलहाल, पुलिस विभिन्न समय अंतरालों पर ट्रैफिक मोड़कर दबाव का परीक्षण कर रही है।






