नांदूर नाका हत्याकांड: BJP के नगरसेवक उद्धव निमसे की जमानत याचिका खारिज, जिला अदालत ने नहीं दी राहत

Nashik Murder Case: नांदूर नाका हत्याकांड में मुख्य आरोपी उद्धव निमसे की जमानत याचिका जिला अदालत ने खारिज कर दी है। अब उन्हें बॉम्बे हाईकोर्ट में अपील करनी होगी।
Nandur Naka murder case: BJP corporator Uddhav Nimse's bail application rejected, district court denies relief
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स : सोशल मीडिया )
Updated on

District Court Order: नासिक नांदूर नाका क्षेत्र में दो गुटों के बीच हुए हिंसक संघर्ष और उसमें हुई एक व्यक्ति की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी एवं भाजपा के पूर्व नगरसेवक उद्धव निमसे को बड़ा झटका लगा है। नासिक जिला एवं सत्र न्यायालय ने उनकी जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है।

निमसे वर्तमान में नासिक रोड मध्यवर्ती कारागार में न्यायिक हिरासत में बंद हैं। जिला अदालत से राहत न मिलने के बाद अब उनके पास बॉम्बे हाईकोर्ट का ही विकल्प बचा है।

क्या था पूरा मामला?

धोत्रे और निमसे गुटों के बीच हुए खूनी संघर्ष ने पूरे शहर को दहला दिया था। इस हमले में राहुल संजय धोत्रे की मौत हो गई थी, जिसके बाद पुलिस ने उद्धव निमसे सहित अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था। निमसे लंबे समय से जमानत के लिए प्रयास कर रहे थे। वे खुद मनपा चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन जेल से बाहर न आ पाने के कारण उनके पुत्र रिद्धिश निमसे ने चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। जहां मुख्य आरोपी उद्धव निमसे की याचिका खारिज हुई है, वहीं इसी मामले के दो अन्य संदिग्धों वाहन चालक नामदेव मते और सचिन लक्ष्मण दिंडे को न्यायालय ने कड़ी शर्तों के साथ जमानत दे दी है।

धोत्रे मर्डर केसः ड्राइवर समेत दो को बेल

उद्धव निमसे के वकील मनोज पिंगले ने जानकारी दी कि वे जिला अदालत के फैसले के खिलाफ अब उच्च न्यायालय में गुहार लगाएंगे। उनका दावा है कि मामले में कुछ नए तथ्य सामने आए हैं जिन्हें हाईकोर्ट के समक्ष रखा जाएगा। दूसरी ओर, सचिन दिंडे की पैरवी वकील मृणाल भिड़े ने की, जिनकी दलीलों के बाद दिंडे को जमानत मिल सकी।

सबूतों से छेड़छाड़ न करने की हिदायत

इस सनसनीखेज हत्याकांड के अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर भी न्यायालय में सुनवाई हुई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने कोर्ट परिसर और प्रभावित इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।

जिन्हें जमानत मिली है, उन्हें नियमित रूप से थाने में हाजिरी लगाने और सबूतों के साथ छेड़छाड़ न करने की हिदायत दी गई है। अब सबकी नजरें बॉम्बे हाईकोर्ट पर टिकी हैं, जहां उद्धव निमसे की ओर से जल्द ही याचिका दायर की जाएगी।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा

पूर्व नगरसेवक उद्धव निमसे की जमानत याचिका खारिज होने से उनके राजनीतिक समर्थकों में निराशा है। नासिक रोड जेल में बंद निमसे के लिए अब कानूनी लडाई लंबी खिंचती नजर आ रही है। वहीं, विरोधी गुट इस फैसले को पीड़ित परिवार के लिए न्याय की पहली जीत मान रहा है।

Navbharat Live
navbharatlive.com