VNIT Nagpur को लगातार तीसरी बार ITU की सदस्यता, बढ़ी वैश्विक पहचान!

VNIT: देश की टॉप फाइव एनआईटी में शामिल विश्वेश्वरय्या राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (वीएनआईटी) को संयुक्त राष्ट्र के इंटरनेशनल टेलिकम्युनिकेशन यूनियन (आईटीयू) की लगातार तीसरी बार सदस्यता मिली है।
VNIT: देश की टॉप फाइव एनआईटी में शामिल विश्वेश्वरय्या राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (वीएनआईटी) को संयुक्त राष्ट्र के इंटरनेशनल टेलिकम्युनिकेशन यूनियन (आईटीयू) की लगातार तीसरी बार सदस्यता मिली है।
वीएनआईटी नागपुर (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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VNIT Nagpur ITU Membership: देश के 31 एनआईटी में वीएनआईटी ही एकमात्र संस्था है जिसे संयुक्त राष्ट्र के इंटरनेशनल टेलिकम्युनिकेशन यूनियन (आईटीयू) की लगातार तीसरी बार सदस्यता मिली है। आईटीयू की सदस्यता से देशों और संगठनों को कई फायदे मिलते हैं जिनमें रेडियो स्पेक्ट्रम का साझा उपयोग, उपग्रहों की कक्षाओं का निर्धारण, तकनीकी मानकों का विकास और विकासशील देशों में दूरसंचार के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने में सहायता शामिल है।

इसके अलावा यह ब्रॉडबैंड इंटरनेट, वायरलेस तकनीक और अन्य अगली पीढ़ी के नेटवर्क के क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देता है। इलेक्ट्रानिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन विभाग के प्रा. अश्विन कोठारी ने बताया कि वीएनआईटी को पहली बार 2023-24 में आईटीयू की सदस्यता मिली थी। पश्चात 2024-25 और अब 2025-26 के लिए भी सदस्यता मिली है।

देश की तीन आईआईटी को मिली जगह

दरअसल, यह सदस्यता नवीनीकरण के बाद मिली है। इसके लिए केंद्र सरकार ने देश के सभी आईआईटी और एनआईटी को सदस्यता के लिए आवेदन करने को कहा था। वीएनआईटी के पास पहले से ही मजबूत आधार होने के कारण मापदंड पूर्ण करने में आसानी हुई। यह सदस्यता देश की तीन आईआईटी को भी मिली है।

दूरसंचार व डिजिटल तकनीकी विकास पर कार्य

सदस्यता का मतलब केवल तकनीकी निर्णय प्रक्रिया में शामिल होना ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश के हितों का संरक्षण करना भी है। इसमें भारत को अपना पक्ष रखने का अधिकार मिलता है। आईटीयू में संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देश और उनकी सरकारी संस्थाएं एकत्र होकर दूरसंचार और डिजिटल तकनीकी विकास पर कार्य करती है। सदस्यता मिलने से संस्थान के विद्यार्थियों और संशोधकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षण, डेटा ऍक्सेस, तकनीकी सहयोग सहित प्रौद्योगिकी के नये क्षेत्र में कार्य करने का अवसर मिलेगा।

आज से वीएनआईटी में अंतरराष्ट्रीय परिषद

संस्थान के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग की ओर से 6 व 7 नवंबर को कम्युनिकेशन, एम्बेडेड सिस्टम्स, मशीन लर्निंग और सिग्नल प्रोसेसिंग में विविध बदलावों पर अंतरराष्ट्रीय परिषद का आयोजन किया गया है। पत्र-परिषद में वीएनआईटी के निदेशक प्रा। प्रेमलाल पटेल ने बताया कि सम्मेलन के लिए वैश्विक स्तर पर 296 शोध निबंध प्राप्त हुए। इनमें से 125 का चयन किया गया।

यह शोध पत्र स्प्रिंगर की ‘लेक्चर नोट्स इन इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग’ शृंखला में प्रकाशित किए जाएंगे जिससे शोधकर्ताओं को अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त होगी। इसमें देश और विदेश के 11 मुख्य वक्ता शामिल होंगे। परिषद में ट्यूटोरियल्स, पीएचडी कोलोक्वियम, औद्योगिक प्रदर्शनी का समावेश है।

उद्घाटन सुबह 9.30 बजे सोसाइटी फॉर ऍप्लिकेशन्स इन मायक्रोवेव इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग एंड रिसर्च के महासंचालक के हाथों होगा। वे ‘5जी और 6जी तकनीक : भारत उपक्रम’ विषय पर मार्गदर्शन करेगे। इसके अलावा अन्य वक्ता भी विविध विषयों पर मार्गदर्शन करेंगे।

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