18 साल बाद जेल से छूटेगा अंडरवर्ल्ड डॉन गवली? सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के मामले में दी जमानत

Arun Gawli News: सुप्रीम कोर्ट ने अंडरवर्ल्ड डॉन अरुण गवली को 2007 में शिवसेना पार्षद कमलाकर जामसांडेकर की हत्या के मामले में जमानत दे दी है। मुंबई की एक अदालत ने 2012 में गवली को दोषी ठहराया था।
Underworld don Arun Gawli gets bail from Supreme Court
अंडरवर्ल्ड डॉन अरुण गवली (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Underworld don Arun Gawali: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को गैंगस्टर से नेता बने अरुण गवली को 2007 में शिवसेना पार्षद कमलाकर जामसांडेकर की हत्या के मामले में जमानत दे दी है। शिवसेना के दिवंगत पार्षद कमलाकर जामसांडेकर की 18 साल पहले घाटकोपर में हत्या कर दी गई थी। कमलाकर अपने दैनिक काम निपटाकर घर आए थे। वह घर पर टीवी देख रहे थे। इसी दौरान अचानक गुंडे उनके घर में घुस आए और कमलाकर पर गोलियां चला दीं। इस गोलीबारी में कमलाकर की मौत हो गई, यह हत्या 2 मार्च 2007 की शाम को हुई थी।

अंडरवर्ल्ड डॉन अरुण गवली की अपील, जिसमें बॉम्बे हाई कोर्ट के 2019 के फैसले को चुनौती दी गई थी, अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। हाई कोर्ट ने 2019 में उनकी आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा था। मुंबई की एक सत्र अदालत ने 2012 में गवली को जामसांडेकर हत्याकांड में दोषी ठहराया था।

क्या जेल से रिहा होगा अरुण गवली?

सुप्रीम कोर्ट से हत्या के मामले में जमानत मिलने के बावजूद 76 वर्षीय अरुण गवली को जेल से रिहा नहीं किया जाएगा, क्योंकि वह इस मामले से अलग एक अन्य मामले में नागपुर जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। कोर्ट ने गवली की 17 साल से अधिक की कैद और उनकी उम्र को ध्यान में रखते हुए यह जमानत मंजूर की है।

2010 में जबरन वसूली मामले में मिली थी जमानत

इससे पहले, जुलाई 2010 में गवली को 18 साल पुराने एक जबरन वसूली मामले में जमानत मिली थी। लेकिन हत्या का मामला लंबित होने के कारण रिहाई नहीं हुई। मई 2025 में एक विशेष मकोका अदालत ने 2005 के एक अन्य जबरन वसूली मामले में गवली को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था।

अप्रैल 2024 में बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर पीठ ने 2006 की क्षमा नीति के तहत गवली की समयपूर्व रिहाई का आदेश दिया था। लेकिन महाराष्ट्र सरकार की चुनौती के बाद सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई 2024 में इस पर रोक लगा दी।

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