SBL Blast: 2 दिन की कड़ी मशक्कत के बाद 19 मृतकों की हुई पहचान; SBL मालिक आलोक चौधरी समेत 10 पर कसा शिकंजा

SBL Energy Blast Nagpur: DNA मिलान के बाद 19 शव परिजनों को सौंपे गए। मुख्य आरोपी आलोक चौधरी समेत 10 के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
19 bodies handed over to families after DNA matching in SBL Energy blast, Nagpur.
बाजारगांव ब्लास्ट (सौजन्य-नवभारत)
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Bazargaon Explosive Factory Accident: कलमेश्वर पुलिस स्टेशन के राऊलगांव एनविहिरा इलाके में रविवार, 1 मार्च को एसबीएल एनर्जी एक्सप्लोसिव्स कंपनी में हुए एक बड़े धमाके में 19 लोगों की मौत हो गई और 23 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

इस हादसे के बाद प्रशासन ने तेजी से काम किया और मृतकों की पहचान करने का काम युद्ध स्तर पर शुरू किया गया क्योंकि धमाके में मारे गए 18 लोगों के शवों की पहचान करने में मुश्किलें आ रही थीं, इसलिए तुरंत उनके रिश्तेदारों के डीएनए सैंपल लिए गए। डीएनए टेस्ट रिपोर्ट मिलते ही मृतकों की पहचान पक्की हो गई।

इस बीच, एक घायल व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई; उसकी पहचान पहले ही पक्की हो चुकी थी। 2 मार्च से 3 मार्च तक सभी 19 शव सुबह तक उनके रिश्तेदारों को सौंप दिए गए। प्रशासन ने बताया कि सभी मृतकों का अंतिम संस्कार पुलिस और रेवेन्यू प्रशासन के कड़े सुरक्षा इंतजाम के बीच शांति से और बिना किसी अनहोनी के कर दिया गया।

इस बीच 23 घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है और कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके की सही वजह का पता लगाया जा रहा है और संबंधित एजेंसियां पूरी जांच कर रही हैं।

मालिक सहित 10 के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी

ग्रामीण पुलिस ने काटोल के पास राऊलगांव स्थित एसबीएल एनर्जी लिमिटेड में हुए भीषण विस्फोट मामले में फरार चल रहे 10 आरोपियों के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है। कंपनी के मालिक एवं मुख्य आरोपी आलोक चौधरी समेत सभी के विरुद्ध लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किया गया है, ताकि वे देश छोड़कर फरार न हो सकें।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार आलोक चौधरी, जो रायपुर के निवासी बताए जाते हैं, इस मामले के प्रमुख आरोपी हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कंपनी के महत्वपूर्ण निर्णय उनके निर्देश पर ही लिए जाते थे। मामला दर्ज होने के बाद से वे फरार हैं। पुलिस टीमों ने रायपुर स्थित उनके आवास पर दबिश दी लेकिन वे वहां नहीं मिले।

बता दें कि लुकआउट सर्कुलर एक अलर्ट होता है जो हवाई अड्डों, समुद्री बंदरगाहों और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर तैनात इमिग्रेशन अधिकारियों को जारी किया जाता है। इसके तहत यदि आरोपी देश छोड़ने का प्रयास करता है तो उसे रोका जा सकता है या तुरंत संबंधित पुलिस को सूचना दी जाती है।

  • नवभारत लाइव पर नागपुर से गजेंद्र डोंगरे की रिपोर्ट
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