स्पेन का नाम लेकर झूठी खबर फैला रहे थे ट्रंप, स्पेनिश सरकार ने खोल दी पोल, बोला- नहीं करेंगे ईरान के खिलाफ मदद

Spain Not Help US Against Iran: व्हाइट हाउस ने कहा कि स्पेन ने अमेरिकी सैन्य अभियानों में सहयोग करने की सहमति दी, जबकि स्पेन ने ईरान पर हमलों में मदद करने के दावे को पूरी तरह खारिज किया।
Spain Not Help US Against Iran
स्पेन ने ईरान के खिलाफ अमेरिका की मदद करने से इनकार किया (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Spain Denies Cooperating with US Operations Against Iran: व्हाइट हाउस ने हाल ही में कहा कि स्पेन ने पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य अभियानों में सहयोग करने के लिए सहमति जताई है, जो अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापार बंद करने की धमकी के बाद आई। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने कहा, "जहां तक स्पेन की बात है, मुझे लगता है कि उन्होंने राष्ट्रपति के स्पष्ट संदेश को समझा। 

कैरोलीन लेविट ने कहा, मुझे हाल के घंटों में जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार स्पेन ने अमेरिकी सेना के साथ सहयोग करने के लिए सहमति दे दी है। अमेरिकी सेना इस समय स्पेन में अपने समकक्षों के साथ समन्वय कर रही है।" हालांकि स्पेन ने व्हाइट हाउस के इस दावे को खारिज कर दिया है।

ईरान के खिलाफ अमेरिका की मदद नहीं करेगा स्पेन

स्पेन की सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह ईरान पर अमेरिकी सैन्य हमले में मदद नहीं करेगी। स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बेरेस ने कहा, "मैं व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव को गलत बता सकता हूं। मिडिल ईस्ट में युद्ध, ईरान पर हमले और हमारे सैन्य अड्डों के इस्तेमाल को लेकर स्पेनिश सरकार का स्टैंड बिल्कुल नहीं बदला है।" यह बयान मैड्रिड में उस समय आया जब कैरोलीन लेविट ने कहा था कि स्पेन ने अपना रुख बदल लिया है और अमेरिका के साथ सहयोग करने के लिए सहमति दे दी है।

ट्रंप ने दी थी चेतावनी

इससे पहले, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को चेतावनी दी थी कि अमेरिका स्पेन के साथ सभी तरह का व्यापार बंद कर देगा। यह चेतावनी स्पेन के विदेश मंत्री अल्बेरेस द्वारा दिए गए बयान के एक दिन बाद आई थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनका देश अमेरिकी सैन्य हमलों के लिए अपने दक्षिणी अड्डों का उपयोग नहीं करने देगा, क्योंकि यह संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत नहीं आएगा।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव ने यह भी कहा कि दुनिया जानती है कि प्रेसिडेंट ट्रंप हमेशा शांति और कूटनीति को प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने पिछले साल खत्म किए गए आठ वैश्विक संघर्षों का हवाला दिया और कहा कि ईरान की सरकार ने बातचीत से इनकार किया और हिंसा का रास्ता चुना। लेविट ने जोर देकर कहा कि ट्रंप की लीडरशिप में ईरान के आतंकवादी शासन को पूरी तरह से दबा दिया गया है। उन्होंने कहा कि अब दुनिया के सबसे बड़े आतंकवाद समर्थक देश को 47 साल तक बर्दाश्त करने और उसे बढ़ावा देने का सिलसिला समाप्त हो गया है। 

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