अंडरवर्ल्ड डॉन अरुण गवली आएगा जेल से बाहर, हाई कोर्ट ने 28 दिन की फरलो को दी मंजूरी

हत्या के मामले में नागपुर सेंट्रल जेल में उम्र कैद की सजा भुगत रहे मुंबई डॉन अरुण गवली अब जेल से बाहर आएंगे। गवली की ओर से हाई कोर्ट में दायर 28 दिन फरलो वाली याचिका को मंजूरी मिल गई है...
अंडरवर्ल्ड डॉन अरुण गवली आएगा जेल से बाहर, हाई कोर्ट ने 28 दिन की फरलो को दी मंजूरी
अरुण गवली (सोर्स: सोर्स मीडिया)
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नागपुर: हत्या के मामले में नागपुर सेंट्रल जेल में उम्र कैद की सजा भुगत रहे मुंबई डॉन अरुण गवली की ओर से फरलो (जमा छुट्टियां) के तहत 4 सप्ताह के लिए जेल से रिहा करने के आदेश देने का अनुरोध कर हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई। हालांकि छुट्टी के लिए विधानसभा चुनावों के पूर्व ही आवेदन किया गया था। किंतु इसे मंजूरी नहीं दी गई। अब दोनों पक्षों की दलिलों के बाद हाई कोर्ट ने गवली को 28 दिन का फरलो मंजूर कर दिया।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता मीर नागमन अली ने पैरवी की। सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि वर्तमान में याचिकाकर्ता नागपुर सेंट्रल जेल में उम्र कैद की सजा भुगत रहा है। फरलो के लिए 18 अगस्त 2024 को संबंधित प्राधिकरण के समक्ष आवेदन किया गया था। किंतु इस आवेदन को ठुकरा दिया गया। जिससे मजबूरन हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा है।

14 बार मिल चूकी है छुट्टियां

याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी कर रहे अधि। अली ने कहा कि आवेदन करने के बाद संबंधित प्राधिकरण की ओर से पुलिस की खुफिया रिपोर्ट मंगाई गई। जिसमें पुलिस ने फरलो नहीं देने का सुझाव देते हुए बड़े बेतूके कारण दिए गए हैं। 14 अक्टूबर 2024 को इस संदर्भ में जारी आदेशों में कई तरह की टिप्पणियां की गई है। जिसमें कानून और व्यवस्था खराब होने का भी हवाला दिया गया है। जबकि वास्तविकता यह है कि याचिकाकर्ता को इसके पूर्व 14 बार फरलो पर भेजा गया। इसमें से एक भी बार कानून व व्यवस्था खराब होने का उद्हारण नहीं है। यहां तक कि याचिकाकर्ता ने हमेशा ही निर्धारित समय के भीतर ही जेल में वापसी की है।

चुनाव प्रभावित होने का दिया था हवाला

याचिका में दिए गए तथ्यों के अनुसार अरूण गवली को उम्र कैद के रूप में 14 वर्ष की जेल हुई है। जबकि याचिका में बताया गया कि इस मामले में याचिकाकर्ता लगभग 15 वर्षों से जेल में है। कोर्ट को बताया गया कि हर समय उनके पुत्र महेश ने नियंत्रण में रखा है। इसके बावजूद पुलिस रिपोर्ट में अब बेटे द्वारा नियंत्रण में रखे जाने पर आशंका जताई गई है।

इसी तरह से गवली के खिलाफ अन्य मामले लंबित होने तथा इन मामलों को लेकर अपराध होने की भी आशंका जताई गई। इसी तरह से बेटी द्वारा चुनाव लड़ने की संभावना जताते हुए फरलो पर जाने के बाद चुनाव को प्रभावित करने का संदेह जताया गया था।

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