राज्यसभा की रेस से बाहर हुईं नवनीत राणा! टिकट कटते ही छलका दर्द, बोलीं- किसी भी मोड़ से करूंगी नई शुरुआत

Navneet Rana BJP Rajya Sabha: राज्यसभा की सूची से नवनीत राणा का नाम गायब। छलका दर्द, बोलीं- "संघर्ष मेरे लिए नया नहीं"। क्या भाजपा के साथ बढ़ रही हैं दूरियां या नई शुरुआत की है तैयारी?
Former MP Navneet Rana missing from BJP's Rajya Sabha list. Shares emotional video saying "struggle is not new."
नवनीत राणा (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Amravati News: राज्यसभा के सदस्यों हेतु भाजपा द्वारा घोषित सूची में पूर्व सांसद नवनीत राणा को स्थान नहीं मिलने से उनके समर्थकों में नाराजगी व्यक्त की जा रही है। गत दिनों से सोशल मीडिया पर चर्चा जोरों पर थी कि नवनीत राणा की राज्यसभा में नियुक्ति होगी। इसके लिए उनके प्रयास भी जारी थे, लेकिन भाजपा द्वारा घोषित नामों की सूची में नवनीत का नाम नहीं आया।

इस पर नवनीत ने एक भावनात्मक वीडियो जारी करते हुए कहा कि संघर्ष करना मेरे लिए कोई नई बात नहीं, मैं किसी भी मोड़ से नई शुरुआत कर सकती हूं। इस वक्तव्य को लेकर राजनीतिक क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चा व्याप्त है।

लोकसभा में टिकट मिला, पर जीत नहीं मिली

उल्लेखनीय है कि गत लोकसभा चुनाव में नवनीत को समय पर भाजपा की टिकट देकर उम्मीदवार घोषित किया गया था। इससे पूर्व वह निर्दलीय सांसद के तौर पर चुनकर आई थीं। तब पांच वर्ष उन्होंने भाजपा का पुरजोर समर्थन किया था। राणा दंपति द्वारा हनुमान चालीसा पाठ को लेकर उद्धव ठाकरे के साथ उग्र विवाद हुआ था। उस समय 14 दिनों की जेल भी जाना पड़ा था। इन सब बातों को ध्यान में रखकर लोकसभा चुनाव में भाजपा का प्रत्याशी बनाया गया था, लेकिन उस समय पार्टी के अंतर्गत विवाद तथा महायुति के सहयोगियों द्वारा चुनाव में सहयोग न करने के चलते उन्हें सिर्फ 20 हजार मतों से पराजय का सामना करना पड़ा था।

स्टार प्रचारक बनीं, भाजपा को दिलाई बढ़त

गत विधानसभा चुनाव में नवनीत ने भाजपा की स्टार प्रचारक के तौर पर धुआंधार प्रचार कर उनकी कट्टर विरोधी पूर्व मंत्री यशोमति ठाकुर को तिवसा से, पूर्व मंत्री बच्चू कडू को अचलपुर तथा मेलघाट से प्रहार के राजकुमार पटेल को पराजित कर भाजपा उम्मीदवारों को जीत दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। उन्होंने दर्यापुर विधानसभा क्षेत्र में निर्दलीय प्रत्याशी को खड़ा कर पूर्व विधायक अभिजीत अडसूल को भी पराजित करने में सफलता पाई थी। इसी तरह नगर परिषद, नगर पंचायत चुनाव में भी भाजपा का अच्छा प्रदर्शन रहा।

मनपा चुनाव में खुलकर उतरीं राणा

हाल ही में हुए मनपा चुनाव में राणा ने उन्हें लोकसभा चुनाव में पराजित करने में बड़ी भूमिका निभाने वाले पार्षदों और पदाधिकारियों के खिलाफ खुला प्रचार कर उन्हें पराजित कर दिखाया। लेकिन इस चुनाव में भाजपा के सहयोगी उनके पति विधायक रवि राणा के युवा स्वाभिमान पक्ष ने अपनी रणनीति से मनपा में सत्ता काबिज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस चुनाव में भाजपा को 25 तथा युवा स्वाभिमान पक्ष को 15 सीटें प्राप्त हुईं। भाजपा ने नवनीत को तेलंगाना चुनाव में भी प्रचार के लिए भेजा था।

‘फिर लौटूंगी’ संदेश से बढ़ीं सियासी अटकलें

इस तरह विधानसभा, नगर परिषद, नगर पंचायत तथा मनपा चुनाव में भाजपा को मिली सफलता को लेकर नवनीत राणा ने सोशल मीडिया पर फिर लौटूंगी का एक संकेतात्मक संदेश प्रसारित किया था। तब से नवनीत राणा को भाजपा की ओर से राज्यसभा में भेजा जा सकता है, इसे लेकर राजनीतिक क्षेत्र में अटकलें लगाई जा रही थीं।

लेकिन बुधवार को भाजपा ने राज्यसभा की सीटों के लिए घोषित सूची में नाम नहीं आने पर उन्होंने तुरंत फिर से सोशल मीडिया पर एक संदेश देकर यह स्पष्ट कर दिया कि वह किसी भी परिस्थिति में हार नहीं मानेंगी। इसके लिए वह हर संभव मार्ग का प्रयास कर राजनीतिक सफलता हासिल करने का संदेश नवनीत ने दिया। इसको लेकर शहर में दिन भर तरह-तरह की चर्चा व्याप्त रही।

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