त्योहारी सीजन में ‘स्वाइन फ्लू’ का जोर, मुंबई-पुणे में सबसे ज्यादा मरीज, नागपुर में बढ़ रहा खतरा

Maharashtra News: महाराष्ट्र में जून से अगस्त तक स्वाइन फ्लू के 440 केस मिले, जबकि जनवरी से मई तक सिर्फ 183 मरीज थे। त्योहारी सीजन में बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग के कान खड़े कर दिए हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Swine Flu Cases: त्योहारी सीजन में एक ओर जहां लोगों का एक से दूसरे शहर-गांव आना-जाना बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर संक्रामक बीमारियां भी जोर पकड़ने लगी हैं। महाराष्ट्र में स्वाइन फ्लू के मामलों की संख्या पिछले 2 महीनों में अचानक बढ़ी है। इससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। 1 जनवरी से 31 मई के बीच राज्य में मिले स्वाइन फ्लू के कुल मरीजों की तुलना में 1 जून से 7 अगस्त के बीच बड़ी संख्या में मरीज मिले। यह जानकारी सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी गई।

स्वास्थ्य विभाग की राष्ट्रीय कीट एवं जलजनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम रिपोर्ट के अनुसार 1 जनवरी से 31 मई 2025 के बीच राज्य में स्वाइन फ्लू के कुल 183 मरीज मिले। इनमें से 2 की मौत हो गई। इसके बाद 1 जून से 7 अगस्त के बीच इस बीमारी के 440 मरीज मिले।

विशेषज्ञों ने आने वाले समय में मरीजों की संख्या बढ़ने का अनुमान जताया है। दरअसल, मानसून के मौसम के कारण वायरल रोगों में वृद्धि हुई है। समय पर उपचार से मरीज ठीक हो सकते हैं। सीओपीडी, अस्थमा, हृदय रोग और गुर्दे की बीमारी के मरीजों को समय पर उपचार न मिलने पर उनकी हालत गंभीर हो सकती है।

स्थिति नियंत्रण में होने का दावा

स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष स्वाइन फ्लू के मरीज कम हैं। हालांकि राज्य के कुछ हिस्सों में मरीजों की संख्या बढ़ी है लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने यह भी दावा किया है कि नियमित रूप से मरीजों का सर्वेक्षण किया जा रहा है। दवाइयां भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। निजी और सरकारी डॉक्टरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही नागरिकों में जागरूकता पैदा की जा रही है।

स्वाइन फ्लू के लक्षण

विशेषज्ञों के अनुसार स्वाइन फ्लू सामान्य फ्लू जैसा ही है। इसलिए इसके लक्षण सामान्य बुखार जैसे ही होते हैं। इन मरीजों में जुकाम (102 से 102 डिग्री), ठंड लगना, खांसी और गले में खरास, शरीर में दर्द, सिरदर्द, अत्यधिक थकान, दस्त, उल्टी होती है।

स्वाइन फ्लू से संक्रमित मरीजों में निमोनिया, बैक्टीरियल निमोनिया, ब्रोंकाइटिस जैसी जटिलताओं की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। मधुमेह और हृदय रोग जैसी बीमारियों वाले मरीजों में स्वाइन फ्लू होने पर जटिलताएं विकसित होने की संभावना अधिक होती है।

1 जनवरी से 7 अगस्त तक राज्य में कहां कितने मरीज

क्रमांक जिला स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या मृत्यु
1 मुंबई 226 00
2 ठाणे 87 00
3 पुणे 133 00
4 सोलापुर 43 00
5 नागपुर 45 01
6 नासिक 07 01
7 कोल्हापुर 56 00
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