

नागपुर. नागपुर की समृद्धि, संपन्नता और मजबूत 'इंफ्रास्ट्रक्चर' का द्वार खोलने वाला समृद्धि महामार्ग आज प्राइवेट वाहनों की अपेक्षा ट्रक ड्राइवरों की पहली पसंद बना हुआ है. किसी तरह की रुकावट नहीं होने और टोल चुकाकर आराम से चलने के चलते ट्रक ड्राइवर समृद्धि महामार्ग पर ही चलना पसंद कर रहे हैं. इस कारण अन्य महामार्गों की तुलना में समृद्धि पर चलने वाले ट्रकों की संख्या बढ़ती जा रही है. अन्य मार्ग पर जिस तरह बीच-बीच में पुलिस, आरटीओ सहित अन्य तरह की रोकटोक होती है, वह इस मार्ग पर नहीं होने से ट्रक चालक अपनी एक लेन पकड़ते हैं और उसी में चलकर अपनी मंजिल तक आसानी से पहुंच रहे हैं, जहां अन्य मार्ग में कई बार जाम की स्थिति से दो-चार होना पड़ता हैं तो वहीं समृद्धि महामार्ग पूरा साफ होने के चलते समय की बर्बादी भी नहीं होती. इससे व्यवसायियों का माल भी समय पर पहुंच रहा है.
इन्फ्रास्ट्रक्चर को पंख और हाईस्पीड कनेक्टिविटी वाले इस महामार्ग पर चलने वाले ट्रक ड्राइवरों के अनुसार इस हाईवे से चलने में किसी तरह की तकलीफ का सामना नहीं करना पड़ता है. मुख्य बात यह है कि इसमें किसी तरह की रोकटोक और लेन-देन नहीं होने के चलते घंटों तक गाड़ियों को सड़क पर रोकने की जरूरत नहीं पड़ती. एक बार गाड़ी सिटी से बाहर निकली कि सीधे अपने प्रमुख गंतव्य पर ही पहुंचती है. अभी बूटीबोरी पावर प्लांट से होते हुए सेलू, वर्धा, पुलगांव, धामनगांव, कारंजा, मालेगांव जहांगीर, मेहकर, सिंदखेड़ राजा, जालना, शेन्द्रा, औरंगाबाद, वैजापुर, शिर्डी, कोपरगांव और सिन्नर तक बड़े आराम से पहुंचा जा सकता है. मुंबई तक मार्ग पूरा हो जाता है तो और अच्छा हो जायेगा.
ट्रक ड्राइवरों के अनुसार इस महामार्ग से चलने का एक और फायदा होता है कि यहां अन्य महामार्ग में जिस तरह बैरिकेड्स लगाकर रोका जाता है जिससे हाईवे पर ट्रकों की लंबी लाइन लग जाती है लेकिन यहां पर इसी तरह की कोई झंझट ही नहीं है वेसाइड सुविधाएं नहीं. अन्य छोटे-बड़े वाहनों को देखते हुए ट्रक चालक एक लेन से ही चलते हैं. देखा जाये, तो इस मार्ग पर अन्य की तरह खुली लूट का खेल नहीं चलता. इससे समय के साथ पैसों की भी बचत होती है. सीधी कनेक्टिविटी से माल को गंतव्यों तक ले जाने में लगने वाले समय को कम करने में इस महामार्ग से मदद मिल रही है.
इस महामार्ग पर वेसाइड सुविधाएं होना बहुत जरूरी है क्योंकि इसके नहीं होने से ट्रक ड्राइवर हो या अन्य वाहन चालक ब्रेक नहीं ले पाते हैं. इसके चलते ही दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है. वेसाइड सुविधाएं होने के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट प्लाजा बन जाये तो काफी राहत मिलेगी. लंबी दूरी तय करने के लिए आसानी होगी. अभी देखा जाये तो इस मार्ग पर कहीं पर भी ऐसे बीच में वाहन रोका नहीं जा सकता है. क्योंकि इसमें सख्त कार्रवाई की जाती है. इसे देखते हुए महामार्ग पर सुविधाएं करना बहुत आवश्यक है.