'फडणवीस बने फेलियर गृह मंत्री', सपकाल का मुख्यमंत्री पर हमला, कहा- कोयता गैंग-खोखा संस्कृति का राज

Nagpur News: कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने नागपुर में सीएम देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए कहा कि वे फेलियर गृह मंत्री हैं। महिलाओं की सुरक्षा, कोयता गैंग और खोखा संस्कृति पर सरकार को
Maharashtra Congress District President Appointments
हर्षवर्धन सपकाल (सोर्स: सोशल मीडिया) (फाइल फोटो )
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Harshwardhan Sapkal targeted CM Fadnavis: कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर जोरदार हमला बोला है। नागपुर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए सपकाल ने राहुल गांधी के ट्वीट को समर्थन देते हुए कहा कि फडणवीस फेलियर गृह मंत्री साबित हुए हैं। उनके कार्यकाल में राज्य में महिलाओं पर अत्याचार, कोयता गैंग, खोखा संस्कृति और अव्यवस्था का वातावरण बन गया है।

हर्षवर्धन सपकाल ने मांग की कि महाराष्ट्र को पूर्णकालिक स्वतंत्र गृह मंत्री दो क्योंकि फिलहाल फडणवीस गड़चिरोली की खदानें किसे वितरित करनी है और देश का प्रधानमंत्री कैसे बना जा सकता है, इस कसरत में व्यस्त हैं। सपकाल ने स्वारगेट प्रकरण पर कहा कि महिला पर अत्याचार के प्रकरण में सीएम का बयान शर्मनाक है। यह सिर्फ राजनीतिक मुद्दा नहीं है बल्कि महिलाओं की सुरक्षा का गंभीर सवाल है।

‘चुनाव आयोग चोर है’

कांग्रेस नेता सपकाल ने चुनाव आयोग पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने वोट चोरी के विरोध में देश भर में अभियान शुरू किया है। 'गली-गली में चोर है, चुनाव आयोग चोर है' यही जनता की भावना है। निर्वाचन क्षेत्रों के फर्जीवाड़ा उजागर हो रहे हैं जिसे राहुल गांधी ने दिशा दी है।

मंत्री मोहोल के इस्तीफे की मांग की

जैन बोर्डिंग प्रकरण में सपकाल ने मुरलीधर मोहोल पर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि साढ़े तीन एकड़ जमीन पचाने वाले मोहोल का इस्तीफा होना चाहिए। व्यवहार रद्द करने से काम नहीं चलेगा। दोषी पर कार्रवाई होना आवश्यक है। भाजपा को आड़े हाथ लेते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा का मतलब ‘वाशिंग मशीन’ है। कोई भी वहां गया तो स्वच्छ होता है। सत्ता में आने के बाद सभी को क्लीन चिट दी जाती है।

दिवालिया होने की कगार पर सरकार

किसानों की मदद निधि पर उन्होंने कहा कि यह सरकार दिवालिया होने की कगार पर है। पीएम आवास योजना, लाडली बहन योजना लटक गई है। मुख्यमंत्री को बिना कोई सीमा रखते हुए 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद घोषित करनी चाहिए और सभी किसानों की कर्जमाफी भी तत्काल करें।

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