40 साल से नागपुर में मतदान, फिर भी मध्य प्रदेश में बीएलओ नियुक्त; SIR प्रक्रिया पर उठे बड़े सवाल
SIR Verification Process: नागपुर में दशकों से मतदान कर रहे मतदाताओं के लिए मध्य प्रदेश में बीएलओ नियुक्त होने के मामले ने चुनाव विभाग की SIR प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर मतदाता, चुनाव विभाग, बीएलओ,(सोर्स सोशल मीडिया)
Nagpur Voter Verification: मतदाताओं को लेकर चुनाव विभाग की कार्यप्रणाली भले ही कई बार घेरे में रही हो लेकिन कुछ मामलों में चुनाव विभाग ने रिकॉर्ड बनाने के उदाहरण पेश किए हैं जिससे चुनाव विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
नागपुर में 4 दशकों से रह रहे और लगातार मतदान कर रहे मतदाताओं के लिए मध्य प्रदेश में बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) नियुक्त कर दिए गए। इस घटना से चुनाव विभाग की एसआईआर (SIR) प्रक्रिया पर भारी संदेह पैदा हो गया है और मतदाताओं को मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लग रहा है।
एक ही घर के लिए मप्र के 2 अलग-अलग बीएलओ
मामले का खुलासा तब हुआ जब एसआईआर (SIR) के लिए परिवार के प्रतिनिधि स्थानीय बीएलओ के पास गए और चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जानकारी जांची। वेबसाइट के अनुसार इन दोनों मतदाताओं के बीएलओ मध्य प्रदेश के धुहौनी इलाके के दिखाए गए। हैरानी की बात यह है कि एक ही घर में रहने वाली मां और बेटी के लिए मध्य प्रदेश के 2 अलग-अलग बीएलओ नियुक्त किए गए हैं।
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इनमें से एक बीएलओ का नाम जानींद्रप्रसाद यादव (मोबाइल 9685321314) और दूसरे का नाम राजेंद्रप्रसाद द्विवेदी (मोबाइल 9765587866) बताया गया है। जब एक बीएलओं से फोन पर संपर्क किया गया तो उसने खुद के मध्य प्रदेश में बीएलओ होने की पुष्टि भी की। वहीं इस प्रभाग के लिए नियुक्त स्थानीय बीएलओ संगीता अवसरे से संपर्क करने पर उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
महापौर के प्रभाग में हुआ यह ‘चमत्कार’
गौरतलब है कि प्रभाग क्रमांक 28 नागपुर की महापौर नीता ठाकरे का प्रभाग है। चुनाव विभाग ने 2002 की मतदाता सूची को प्रामाणिक मानने के बावजूद गजभिये परिवार का नाम नागपुर की सूची से हटाकर सीधे मध्य प्रदेश भेजने का यह ‘चमत्कार’ किया है, सिर्फ गजभिये परिवार ही नहीं बल्कि उनके पड़ोसी देवराव कैलवदकर जो नियमित रूप से लोकसभा, विधानसभा और मनपा चुनावों में वोट डालते आए हैं, उनका भी नाम मतदाता सूची में नहीं दिखाया गया है।
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इस तरह का है मामला
यह अजब मामला दक्षिण नागपुर विधानसभा क्षेत्र (पुनर्गठन से पहले पूर्व नागपुर) के अंतर्गत आने वाले महानगरपालिका के प्रभाग क्रमाक 28, धन्वंतरिनगर का है। यहां रहने वाली प्रभावती हंसराज गजभिये और उनकी बेटी अरुणा हंसराज गजभिये के नाम 2002 की मतदाता सूची (भाग क्र. 333. अनु. क्र.1367 व 1368, घर क्र.177 अ) में स्पष्ट रूप से दर्ज हैं। गजभिये परिवार 1997 से प्लॉट नं. 40, धन्वंतरिनगर में निवास कर रहा है और हाल ही में हुए महानगरपालिका चुनावों सहित हर छोटे-बड़े चुनाव में उन्होंने मतदान किया है।
