नागपुर में बढ़ा गैंगवार का खतरा: इंदौर की लाला कंपनी फैला रही नेटवर्क, सोशल मीडिया पर युवा को भटकाने की साजिश
Indore Gang Network: नागपुर में बाहरी राज्यों के अपराधियों की सक्रियता चिंता बढ़ा रही है। इंदौर की कथित 'लाला कंपनी' के नेटवर्क और युवाओं पर उसके प्रभाव को लेकर कानून-व्यवस्था पर नए सवाल उठ रहे हैं।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर अपराध, लाला कंपनी,(सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)
Nagpur Lala Company Gang: नागपुर शहर में होने वाले अपराधों से पहले ही पुलिस परेशान है। आए दिन हत्या, डकैती और लूट की वारदातें हो रही हैं। ड्रग्स बेचने वाले दर्जन नहीं सैंकड़ों की संख्या में सक्रिय हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। बेशक शहर के अपराधियों पर नकेल कसने के लिए पूरी तैयारी की जा रही है लेकिन अब तो बाहरी राज्यों के अपराधी भी शहर में सक्रिय हो गए हैं। मध्य प्रदेश से नागपुर में हथियारों की सप्लाई कोई नई बात नहीं है।
चोरी-छिपे यह काम चलता आ रहा है लेकिन अब मध्य प्रदेश का मिनी मुंबई कहे जाने वाले इंदौर शहर के अपराधियों के नागपुर में सक्रिय होने से अपराध के क्षेत्र में माहौल गरम हो गया है। बताया जाता है कि इंदौर की लाला कंपनी बड़ी तेजी से नागपुर में अपना नेटवर्क फैला रही है लेकिन पुलिस इस बात से अनजान है।
सिटी में नए गैंगस्टरों के दाखिल होने से स्थानीय अपराधियों की बेचैनी बढ़ना स्वाभाविक है लेकिन लाला कंपनी सोशल मीडिया पर हीरो बनी हुई है। ऐसे अपराधियों के हीरो बनने का मतलब है युवा पीढ़ी का भटकना, क्योंकि इस गैंग के नागपुर आने पर जो माहौल बना उससे अपराधियों को लगता है कि कुछ बड़ा होने वाला है। अपराधियों की भाषा में लाला कंपनी के फॉलोवर ज्यादातर चॉकलेट पोट्टे (17 से 21 वर्ष के युवा) हैं।
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राज्य मंत्री ने IG को लिखा पत्र
गुलफाम और शादाब बड़ी तेजी से अपराध जगत में अपनी पैठ जमा रहे हैं। 3 दिन पूर्व ही मध्य प्रदेश की राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने उनकी गतिविधियों के संदर्भ में जबलपुर के आईजी को पत्र लिखा है। गौर ने अपने पत्र में कहा कि लाला कंपनी इंदौर, सिवनी, छिंदवाड़ा, बैतूल, जबलपुर और नागपुर में गैर कानूनी गतिविधियों में लिप्त है जिसमें ड्रग्स, नकली शराब और गांजा की बिक्री की बात कही गई है। इसके साथ ही नकली नोटों की बिक्री का भी उल्लेख किया गया है। गौर ने इन अपराधियों की इंस्टाग्राम आईडी और साथ सक्रिय लोगों पर नकेल कसने की मांग की है।
शाही संदल में दिखाई ताकत
हजरत बाबा ताजुद्दीन के सलाना उर्स में इस गैंग ने अपनी ताकत दिखाई। शादाब और गुलफाम उर्स के शाही संदल में हिस्सा लेने के लिए नागपुर आए। यहां नागपुर में अलग-अलग इलाकों में उनका स्वागत किया गया है। ‘लाला कंपनी अब नागपुर में’ की घोषणा के साथ उनकी कार रैली निकली। बाद में दोनों अपनी गैंग के साथ ताजाबाद भी पहुंचे।
वहां भी उनका स्थानीय लोगों ने गर्मजोशी से स्वागत किया, पीछे युवाओं का मजमा ऐसा था, मानो दोनों ही सेलिब्रिटी हों। युवा उनसे हाथ मिलाने और साथ सेल्फी लेने के लिए पागल थे। अब 17 से 24 वर्ष की आयु के युवा जब इन अपराधियों को अपना हीरो बना लें तो स्थिति को समझा जा सकता है, उनकी फैन फॉलोविंग देखकर स्थानीय अपराधी भी गश खा गए।
अकेले गुलफाम अंसारी के इंस्टाग्राम पर 2 लाख से ज्यादा फॉलोवर है। शादाब लाला के भी फॉलोवर उससे कम नहीं है। विभाग चाहे तो गुलफाम और शादाब के इंस्टाग्राम अकाउंट में उनकी नागपुर यात्रा का माहौल जान सकता है।
स्थानीय अपराधियों से ठनी !
बताया जाता है कि लाला कंपनी की स्थानीय गैंगस्टरों से भी उनी हुई है। पहले उनके नागपुर में आने से किसी को कोई दिक्कत नहीं थी लेकिन जितनी तेजी से यह गैंग अपने पीछे हुजूम लेकर चल रही है, यह बात स्थानीय अपराधियों को खटकने लगी है।
कुछ अपराधियों के साथ तो लेन-देन का विवाद भी शुरू होने का पता चला है। यदि ऐसा कुछ होता है तो फिर शहर की कानून-व्यवस्था बिगड़ेगी। हालाकि अब तक कोई खुलकर इनके विरुद्ध खड़ा नहीं हुआ है लेकिन अंदर ही अंदर रंजिश तो चल ही रही है।
सक्रिय होने का कारण क्या ?
लाला कंपनी इंदौर की सबसे चर्चित गैंग बन गई है। इसकी मुख्य वजह गैंग का मुखिया सलमान लाला उर्फ शाहनवाज था। 13 वर्ष की उम्र से ही वह आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय हो गया। 28 की उम्र तक उसके खिलाफ हत्या, फिरौती वसूली, ड्रग्स तस्करी और रेप सहित 32 मामले दर्ज हो चुके थे। बीते वर्ष अगस्त महीने में इंदौर पुलिस ने उस पर नकेल कसने के लिए धरपकड अभियान चलाया।
4 साथी तो दबोचे गए लेकिन सलमान लाला फरार हो गया। दूसरे दिन सिहोर जिले के इंदौर-भोपाल मार्ग पर उसकी लाश पानी के गड्ढे में मिली। उसकी मौत भी संदेहास्पद थी। सलमान की मौत के बाद उसके भाई शादाब लाला ने गैंग की कमान संभाली। उसका सबसे करीबी आदमी गुलफाम अंसारी बताया जाता है जो छिंदवाड़ा जिले के परासिया का रहने वाला है।
अब सवाल यह उठत्ता है कि आखिर मध्य प्रदेश के अपराधियों के नागपुर सहित महाराष्ट्र के अन्य जिलों में सक्रिय होने का कारण क्या है? लाला कंपनी हथियारों की तस्करी में लबे समय से सक्रिय है।
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पिछले कुछ वर्षों में अपना ड्रग्स बिक्री का नेटवर्क भी बनाया है। जानकारी है कि नागपुर और आसपास के जिलों में यह गैंग हथियारों की बिक्री कर रही है, जबकि नागपुर के ही कुछ बड़े ड्रग पेडलर से माल लेकर इंदौर सहित मध्य प्रदेश के अन्य जिलों में बेचा जा रहा है। सबसे बड़ी बात ये है कि नागपुर पुलिस इस बात से अनजान है।
-नवभारत लाइव के लिए नागपुर से अभिषेक तिवारी की रिपोर्ट
