
मोहन मते और गिरीश पांडव (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Mohan Mate vs Girish Pandav: नागपुर मनपा चुनाव के दौरान अधिकांश पार्टियों ने विधानसभा के अनुसार अपनी रणनीति बनाई है। एक-एक विधानसभा चुनाव महत्व रखता है। दक्षिण नागपुर क्षेत्र में इस बार अलग ही नजारा देखने को मिल सकता है। कांग्रेस और बीजेपी को इस विधानसभा से काफी उम्मीदें हैं क्योंकि विधानसभा चुनाव के दौरान दोनों ही पार्टियों के उम्मीदवारों की वोटों में काफी वृद्धि देखने को मिली थी।
यही कारण है कि दोनों ही प्रभारी काफी उत्सुक नजर आ रहे हैं। इस क्षेत्र में नगर सेवकों की संख्या 25-26 है। 3.75 से 4 लाख वोटर हैं। विधानभा चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस उम्मीदवारों ने 1-1 लाख वोट का आंकड़ा पार किया था। स्पष्ट है कि दोनों पार्टियों का जनाधार इस क्षेत्र में है। मोहन मते 51 फीसदी वोट लिए थे, जबकि गिरीश पांडव को 44 फीसदी वोट मिले थे। प्रतिशत में वोटों का अंतर काफी कम है। दोनों ही पार्टियां विकास को अपना मुद्दा बना रही हैं।
जिस प्रकार से दक्षिण नागपुर में विकास हुआ है और भविष्य को लेकर जो प्लानिंग है उसी कारण भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इस विधानसभा क्षेत्र में 25-26 सीटों में से 20 में जीत दर्ज करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए इस बार टिकट बंटवारा भी काफी सोच-समझकर किया गया है। एक भी जगह पर नाराजगी का स्वर नहीं है। युवाओं को भी मौका दिया गया है।
सभी समाज को मौका मिला है। विधानसभा चुनाव के दौरान भी दिखा था कि किस प्रकार से लोगों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया और 51 फीसदी से अधिक मत बीजेपी को दिए। बौद्ध और एससी समाज के 1 लाख से अधिक वोट हैं। इसी प्रकार लगभग 40,000 वोट मुस्लिम समाज के हैं। बीजेपी को इन समाजों से काफी समर्थन मिला है।
यह भी सही है कि 4 वर्ष चुनाव नहीं होने से लोग परेशान हुए हैं और नेताओं के अवसर भी कम हुए लेकिन अब चुनाव विकास और लोगों के मुद्दों को लेकर लड़ा जा रहा है। इस बार अयोध्यानगर से रिंग रोड वाले प्रोजेक्ट को पूरा करना है।
इसी प्रकार सक्करदरा तालाब के पास इंडोर स्टेडियम, तालाब के बीच में शिवाजी पुतले की स्थापना। मानेवाड़ा चौक से तुकड़ोजी पुतला तक फ्लाईओवर का निर्माण, बुजुर्गों के लिए कई मनोरंजन केंद्र, बगीचों का उत्थान और विकास, सड़कों का सीमेंटीकरण और विस्तार जैसे मुद्दों को लेकर जनता के बीच पार्टी जाएगी।
– मोहन मते, विधायक, दक्षिण
| उम्मीदवार | वोट | प्रतिशत (%) |
|---|---|---|
| मोहन मते | 117,526 | 51.48 |
| गिरीश पांडव | 101,868 | 44.63 |
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पिछले 10 वर्षों में दक्षिण नागपुर की जनता ने जो देखा और भोगा है वह काफी खतरनाक है। कई बड़ी समस्याएं यहां पर कायम हैं। वहीं विकास के नाम पर कुछ भी नहीं हुआ है। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक को कुछ नहीं मिला है। दत्तात्रेयनगर गार्डन को छोड़ दें तो एक भी मैदान या पार्क नहीं है जहां बच्चे और बुजुर्ग बेहतर जीवन जी सकें। 35,000 घर धारकों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
इनके घरों को कभी भी तोड़ने की नौबत आ सकती है और सत्ताधारी दल कुछ करने को तैयार नहीं है। यहां की जनता डर में जीने को मजबूर है। जंबूदीप नाले की समस्या भी 10 वर्षों से हल करने में बीजेपी नाकाम रही है। हर वर्ष सैकड़ों घरों में पानी घुस जाता है और लोगों को लाखों का नुकसान होता है। जनता बोल-बोलकर थक चुकी है, पर समाधान नहीं निकला है।
इन सब बातों को देखते हुए ही कांग्रेस ने इस बार युवा और सभी जाति-धर्म के लोगों को मैदान में उतारा है। इस बार हमें उम्मीद है कि विधानसभा क्षेत्र से कम से कम 16 से 18 सीटें मिल सकती हैं। कांग्रेस का वोट प्रतिशत बढ़ना यह दिखाता है कि लोगों को नाराजगी है। सबसे बड़ी बात यह है कि टिकट बंटवारा काफी विचार-विमर्श से हुआ है जिसके कारण कहीं भी विरोध नहीं है।
– गिरीश पांडव, कांग्रेस प्रभारी






