NMC Politics: गडकरी के आवास पर हुई बैठक और बदल गए समीकरण; जानें कौन होगा नागपुर का अगला महापौर?

Nagpur Mayor Election: नागपुर महापौर चुनाव में नीता ठाकरे और स्नेहल ठाकरे के बीच मुकाबला। भाजपा में पदों की अदला-बदली से वरिष्ठ पार्षद नाराज, शिवानी दानी को मिली तिजोरी की चाबी।
Nagpur Mayor Election: Neeta Thackeray (BJP) vs Snehal Thackeray (Congress). Shivani Dani gets Standing Committee Chair while senior BJP leaders sidelined.
नागपुर मेयर (फाइल फोटो)
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NMC Polls 2026: नागपुर महानगर पालिका के 9 वर्ष बाद हुए आम चुनावों में भाजपा को भारी बहुमत हासिल तो हुआ, इसके बावजूद महापौर और उपमहापौर का प्रत्याशी निर्धारित होने में 15 दिन का समय लग गया। बहरहाल अब इन दोनों पदों को लेकर नामांकन पत्र दाखिल करने की तारीख आने के कारण ही महापौर पद के लिए भाजपा की ओर से प्रभाग 28 की पार्षद नीता ठाकरे को महापौर पद का प्रत्याशी बनाया गया है।

चुनावों में कांग्रेस को केवल 34 सीटें हासिल हुई हैं। इसके बावजूद कांग्रेस ने न केवल महापौर बल्कि उपमहापौर पद का चुनाव भी लड़ने का निर्णय लिया है। महापौर पद के लिए कांग्रेस ने प्रभाग 11 की पार्षद स्नेहल ठाकरे को महापौर पद का प्रत्याशी बनाया है। इसलिए अब महापौर पद के लिए 2 ठाकरे के बीच मुकाबला देखने को मिलेगा।

इसी तरह से उपमहापौर पद के लिए भाजपा के प्रत्याशी संजय बालपांडे के खिलाफ कांग्रेस ने उत्तर नागपुर से कांग्रेस के पार्षद विवेक निकोसे को उतारने का मन बनाया है। सोमवार को दोपहर 2 बजे मनपा मुख्यालय में दोनों पदों के लिए नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे।

दानी के हाथ तिजोरी की चाबी, अचानक बदले पद

सूत्रों के अनुसार मनपा में प्रमुख पदों पर नियुक्ति को लेकर हाल ही में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के आवास पर अहम बैठक हुई जिसमें पार्टी के तमाम बड़े नेता उपस्थित थे। बैठक में नामों पर मंथन होने के बाद महापौर के लिए नीता ठाकरे, उपमहापौर के लिए उत्तर नागपुर से महेन्द्र धनविजय, स्थायी समिति के सभापति के लिए मध्य नागपुर के संजय बालपांडे के नाम तय किए गए थे। किंतु नागपुर विकास आघाड़ी के रूप में पार्टी के पंजीयन और नामांकन पत्र दाखिल करने के अंतिम दौर में अचानक पद बदल दिए गए जिसमें न केवल उपमहापौर पद के लिए प्रत्याशी बदला गया, बल्कि स्थायी समिति के सभापति का पद भी बदल दिया गया। अब संजय बालपांडे को स्थायी समिति के सभापति के बदले उपमहापौर तो बनाया जा रहा है, किंतु उत्तर से वरिष्ठ पार्षद महेन्द्र धनविजय का पत्ता साफ कर दक्षिण-पश्चिम से पहली बार की पार्षद शिवानी दानी के हाथ में मनपा की तिजोरी की चाबी देने का निर्णय लिया गया है।

सदस्यों में जमकर नाराजगी

सूत्रों की मानें तो पार्टी के वरिष्ठ स्तर पर चल रहे इस अदला-बदली के कारण महापौर को छोड़कर तमाम पदों के लिए निर्धारित पार्षदों में जमकर नाराजगी देखने को मिली। जानकारों की मानें तो वरिष्ठ होने के कारण संजय बालपांडे को स्थायी समिति का सभापति बनाने का निर्णय लिया गया था किंतु अब उपमहापौर जैसे नाममात्र के पद के लिए उनका नाम आने से मध्य नागपुर के कार्यकर्ताओं में भी खासी नाराजगी है।

माना जा रहा है कि भाजपा को इस तरह की अदला-बदली के कारण नाराजगी होने की संभावना पहले से ही थी। यही कारण था कि बगावती सुर दबाने के लिए पहले ही तमाम पार्षदों की ओर से इस्तीफे भी ले लिए गए।

वरिष्ठ पार्षदों की झोली खाली

सूत्रों के अनुसार चुनाव में भाजपा ने लगभग 63 पूर्व पार्षदों के टिकट काट लिए थे। उसी समय से कार्यकर्ताओं में नाराजगी चल रही थी। चुनाव परिणामों में भारी बहुमत के बाद अब वरिष्ठ पार्षदों को किनारे कर लिया गया है।

माना जा रहा था कि उत्तर नागपुर से वीरेन्द्र कुकरेजा, पूर्व नागपुर से बंटी कुकडे, दक्षिण नागपुर से वरिष्ठ पार्षद पिंटू झलके, दिव्य धुरडे, दक्षिण-पश्चिम से विशाखा मोहोड, पश्चिम से अश्विनी जिचकार जैसे वरिष्ठ पार्षदों को कुछ महत्वपूर्ण पद दिए जाएंगे। फिलहाल इन वरिष्ठ पार्षदों की झोली खाली है जबकि पहली बार चुनकर आईं शिवानी दानी को मनपा की तिजोरी की चाबी सौंपी जा रही है।

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