मानकापुर स्कूल वैन-बस हादसा मामला, ठेकेदार समेत अन्य पर मामला दर्ज, जख्मी छात्रों का इलाज जारी

Nagpur News: नागपुर के मानकापुर फ्लाईओवर पर हुए भीषण सड़क हादसे में ठेकेदारों पर मामला दर्ज किया गया है। हादसे में जख्मी छात्रों का इलाज अभी भी अस्पताल में जारी है।
Nagpur News: नागपुर के मानकापुर फ्लाईओवर में 2 स्कूल बस और वैन में जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में ड्राइवर-छात्रा समेत 2 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और 10 से ज्यादा बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए।
मानकापुर हादसा (सौजन्य-नवभारत)
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Mankapur School Van Accident: शुक्रवार को मानकापुर फ्लाईओवर पर हुए भीषण सड़क हादसे के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था। हादसे में 14 वर्षीय छात्रा सान्वी खोब्रागडे और वैन के ड्राइवर रितिक घनश्याम कनौजिया (24) की मौत हो गई थी। निर्माण कार्य में लापरवाही के चलते हुए इस हादसे के बाद मानकापुर पुलिस ने ठेकेदार समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

आरोपियों में स्कूल वैन चालक मृतक रितिक कनोजिया, स्कूल बस चालक विजय हेमंतराव मोरे, वैन मालिक राजेश यादव, भवन स्कूल ट्रांस्पोर्ट इंचार्ज, ओरियंटल नागपुर-बैतूल हाईवे कंपनी के ठेकेदार राजनरेश कुमार दशरथ कुमार सिंह और स्थानीय साइट इंचार्ज राव समेत अन्य संबंधित अधिकारियों का समावेश है। इस भीषण सड़क हादसे में जख्मी हुए छात्रों का उपचार जारी है।

स्कूल वैन के उड़ गए परखच्चे

जख्मी छात्रों में श्रिजा सूर्यवंशी (7), हृदया सूर्यवंशी (12), स्वयं ठाकरे (10), यश मेश्राम (10), काव्या केदार (9), प्रियांशिका शेंडे (6), आदिराज खोब्रागड़े (9) पूर्वी (9) समेत अन्य शामिल हैं। शुक्रवार को सुबह लगभग 8.40 बजे कोराडी रोड, मानकापुर फ्लाईओवर पर स्कूल वैन (एमएच-31/ईएम-0036) स्कूल बस (एमएच-31/एफसी-1913) आमने-सामने टकरा गई थीं।

टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूल वैन के परखच्चे उड़ गए थे और वैन चालक और एक छात्रा की मौत हो गई थी। सूचना मिलने पर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची थी और जख्मी बच्चों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अब पुलिस ने जिम्मेदारों के खिलाफ विविध धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जिम्मेदारों की लापरवाही जान पर बन आई

जांच अधिकारियों के अनुसार ठेकेदार और साइट टीम ने सड़क निर्माण कार्य के दौरान आवश्यक साइनबोर्ड, मजबूत डिवाइडर और चेतावनी संकेत नहीं लगाए जिससे अनिवार्य सुरक्षा शर्तों का उल्लंघन हुआ और यह हादसा हुआ। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन पर गुस्सा जाहिर किया। नागरिकों का कहना है कि फ्लाईओवर के बंद होने से यह मार्ग पहले से ही अत्यंत दुर्घटनाजनक बन गया था।

बार-बार चेतावनी और अपील के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया जिसका खामियाजा मासूम और ड्राइवर को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा। यह हादसा सिर्फ एक दुखद दुर्घटना नहीं बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और ठेकेदार की गैर जिम्मेदारी का परिणाम है।

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