मुफ्त शिक्षा के बावजूद लड़कियों से शुल्क वसूली, RTMNU में मंत्री पाटिल की हाईलेवल मीटिंग

Nagpur News: उच्च शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने RTMNU में छात्र योजनाओं की समीक्षा की। लड़कियों की मुफ्त शिक्षा, छात्रवृत्ति प्रक्रिया सरल करने, परीक्षा प्रणाली सुधार करने के निर्देश दिए।
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राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय में मंत्री चंद्रकांत पाटिल व अन्य (फोटो नवभारत)
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Rashtrasant Tukadoji Maharaj Nagpur University News: उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने शनिवार को राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय में भेंट देकर छात्रोपयोगी योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने लड़कियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने, छात्र हितों की योजनाएं व्यापक रूप से पहुंचाने के लिए नोडल ऑफिसर की नियुक्ति करने के निर्देश दिये।

इस अवसर पर प्रभारी उपकुलपति डॉ. माधवी खोडे चवरे, उच्च शिक्षा संचालक डॉ. शैलेंद्र देवलाणकर, कला महासंचालनालय के संचालक डॉ. किशोर इंगले, कुलसचिव डॉ. राजू हिवसे, शिक्षा उपसंचालक डॉ. संतोष चव्हाण, डॉ. मनोज डायगव्हाणे, वित्त व लेखा अधिकारी हरीश पालीवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

परीक्षा शुल्क कम करने पर विचार

राज्य में सरकार ने लड़कियों की शिक्षा मुफ्त कर दी है। इसके बाद भी शिकायतें मिल रही हैं कि महाविद्यालयों द्वारा शुल्क वसूली की जा रही है। लड़कियों पर फीस का बोझ कम करने के लिए परीक्षा शुल्क सहित अन्य शुल्क भी अदा करने का विचार किया जा रहा है। ‘कमवा व शिका’ योजना के माध्यम से निर्धन परिवार की लड़कियों को मदद करने का भी प्रस्ताव विचाराधीन है। पाटिल ने कहा कि महाविद्यालयों में प्रवेश लेते वक्त ही छात्रवृत्ति का आवेदन सहित आवश्यक दस्तावेज छात्रों से जमा करायें। इससे छात्रों को छात्रवृत्ति के लिए बाद में आवेदन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। महाविद्यालयों की छात्रवृत्ति की मांग की जानकारी मिल सकेगी ताकि समय पर छात्रवृत्ति वितरित की जा सके।

छात्रों को 15 लाख का बिना ब्याज कर्ज

अण्णासाहब पाटिल आर्थिक महामंडल के माध्यम से विद्यार्थियों को 15 लाख रुपये का बिना ब्याज का कर्ज उपलब्ध कराया जा रहा है। शासन की विविध योजनाओं के माध्यम से छात्रों को रोजगार के साधन प्राप्त हो रहे हैं। इन सभी योजनाओं के अधिकाधिक लाभ के लिए नोडल ऑफिसर की नियुक्ति की जाए।

विवि की परीक्षा प्रणाली की समस्या का स्थायी समाधान खोजने का आह्वान किया। साथ ही विवि के एनआईआरएफ रैंकिंग, नैक रैंकिंग, एनईपी नीति के प्रभावी कार्यान्वयन, संलग्न महाविद्यालयों की नैक रैंकिंग का प्रमाण बढ़ाने, एईडीपी पाठ्यक्रम में अधिकाधिक छात्रों की हिस्सेदारी बढ़ाने सहित स्वायत्त महाविद्यालयों में पाठ्यक्रम शुरू करने, शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मचारियों की पद भर्ती, संशोधन प्रकल्पों को निधि उपलब्ध कराने आदि विषयों की समीक्षा की गई।

उच्च शिक्षा संचालक डॉ. शैलेंद्र देवलाणकर ने बताया कि सेवा कानून के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए विवि की वेबसाइट पर समूची जानकारी उपलब्ध कराई जाए। छात्रों को विविध प्रमाणपत्र योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए। इस अवसर पर आईक्यूएसी संचालक डॉ. नंदकिशोर करडे ने विवि की ओर से प्रेजेंटेशन दिया। बैठक का संचालन डॉ. राजू हिवसे ने किया।

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