

नागपुर. क्राइम ब्रांच की एनडीपीएस सेल ने गोपनीय जानकारी के आधार पर विगत 21 अगस्त को जाल बिछाकर बड़े ड्रग पेडलर और उसके साथियों को 907 ग्राम मेफेड्रोन ड्रग्स के साथ पकड़ा था। उन्हें माल सप्लाई करने वाला ताजनगर टेका निवासी मकसूद अहमद अमीनुद्दीन मलिक (41) मामला दर्ज होते ही फरार हो गया था। पुलिस दस्ता लगातार उसकी तलाश में जुटा हुआ था। शुक्रवार को उसे इलाहाबाद से पकड़ा गया।
पुलिस ने 21 अगस्त को राजेंद्रनगर झोपड़पट्टी, आंबेडकर चौक निवासी कपिल गंगाधर खोब्रागड़े (40), नंदनवन झोपड़पट्टी निवासी राकेश अनंतराव गिरी (31) और ओल्ड बगड़गंज निवासी अक्षय बंडू वंजारी (25) को ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ में पता चला कि उसे माल की सप्लाई मकसूद करता है। उसके अलावा सारंगपुर, एमपी निवासी सोहेल, हिवरीनगर निवासी गोलू बोरकर, हिंगना निवासी अक्षय बोबड़े और अल्लारखा को भी मामले में आरोपी बनाया गया था।
मकसूद के खिलाफ 14 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से 5 ड्रग्स बिक्री के लिए दर्ज किए गए थे। मकसूद का परिवार मूलत: इलाहाबाद का रहने वाला है। पुलिस को जानकारी मिली थी कि वह फरार होकर उत्तर प्रदेश ही गया होगा। सूचना के आधार पर एक टीम को इलाहाबाद रवाना किया गया। शुक्रवार को पुलिस ने जाल बिछाकर उसे गिरफ्तार किया। मकसूद ने अपने रिश्तेदारों के यहां पनाह ले रखी थी। शनिवार को उसे नागपुर लाया गया।
अदालत ने मकसूद को 4 दिन की पुलिस हिरासत में रखने के आदेश दिए। 907 ग्राम ड्रग्स के साथ पकड़ा गया कपिल भी पहले नशीला पदार्थ बेचने के मामले में पकड़ा गया था लेकिन तब ज्यादा मात्रा में ड्रग्स नहीं मिली थी। वह महानगर पालिका के नेहरूनगर जोन में स्वास्थ्य विभाग का सुपरवाइजर है। सोहेल, गोलू, अक्षय और अल्लारखा की तलाश की जा रही है। इंस्पेक्टर गजानन गुल्हाने, हेड कांस्टेबल विजय यादव, मनोज नेवारे, पवन गजभिये, शैलेश डोबोले, रोहित काले, राहुल पाटिल, शेषराव रेवतकर, सुभाष गजभिये और सहदेव चिखले ने कार्रवाई को अंजाम दिया।